पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में चीतलों के शिकार और वनकर्मी की बंदूक छीनकर भागने की घटना में पुलिस और वन विभाग की टीमों ने कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। उनसे कई अहम सुराग मिलने की बात सामने आई है। माना जा रहा है शीघ्र ही घटना का खुलासा हो सकता है।
माला रेंज कार्यालय से एक किमी दूरी जंगल क्षेत्र में माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग के नजदीक दो बाइकों से पहुंचे पांच शिकारियों ने गोली मारकर दो चीतलों का शिकार किया था। गोलियों की आवाज के बाद वन वाॅचर की सूचना पर रेंज की टीम सतर्क हुई। जिसके बाद दो शिकारी बाइकों से भाग गए थे।
शनिवार सुबह कांबिंग के दौरान एक शिकारी वनकर्मी की बंदूक छीनकर भी भाग गया था। घटना के बाद डीएफओ मनीष सिंह, एसपी अविनाश पांडेय समेत अफसरों ने रिछौला चौकी पहुंचकर जानकारी जुटाने के बाद टीमों का गठन कर शिकारियों को पकड़ने के लिए लगाया था।
टीमों ने जांच शुरू की। इसके बाद जिले के अलावा बरेली और आसपास के जिलों से कई संदिग्ध हिरासत में भी लिए गए। जिससे पूछताछ शुरू की गई। सूत्रो का कहना है कि हिरासत में लिए गए संदिग्धों से घटना को लेकर कई अहम सुराग मिले हैं। ऐसा माना जा रहा है कि घटना का जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा।
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पुलिस की पांच और वन विभाग की तीन टीमें लगीं
घटना के खुलासे के लिए एसपी अविनाश पांडेय के निर्देश पर पुलिस की पांच टीमें काम कर रही हैं। वहीं डीएफओ मनीष सिंह ने तीन टीमों का गठन किया है। 12 सदस्यीय तीन टीमों का प्रशिक्षु डीएफओ भरत कुमार, एसडीओ रमेश चौहान और माला रेंजर रोबिन सिंह नेतृत्व कर रहे हैं।
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घटना के खुलासे के लिए पुलिस और वन विभाग की टीमें लगातार प्रयास में जुटी हैं। कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। जल्द ही घटना के खुलासे के प्रयास किए जा रहे हैं।
- मनीष सिंह, डीएफओ, पीटीआर