पीलीभीत। घर में घुसकर युवती के साथ दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश शिखा प्रधान ने आरोपी राजेंद्र को दोषी पाते हुए दस वर्ष के कारावास और 18 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दुष्कर्म की धारा में लगाए गए 15 हजार रुपये के जुर्माने की धनराशि जमा होने पर उसमें से 7,500 रुपये पीड़िता को नियमानुसार मुआवजे के तौर पर देने का आदेश दिया है।
अभियोजन के अनुसार, थाना दियोरिया कलां क्षेत्र के एक गांव की पीड़िता ने बताया कि एक जून 2021 को उसके माता-पिता दवा लेने पीलीभीत गए थे। रात में वह अपनी बहन के साथ चारपाई पर सो रही थी। रात करीब 12 बजे गांव का राजेंद्र घर में घुस आया। आरोप है कि वह पीड़िता को खींचकर कमरे की ओर ले गया और दुष्कर्म किया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कई गवाह पेश किए गए। वहीं, आरोपी ने खुद को निर्दोष बताया। दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने राजेंद्र को दोषी करार दिया। न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376 में दस वर्ष का कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माना, धारा 452 में तीन वर्ष का कारावास और दो हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 354 में तीन वर्ष का कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। न्यायालय ने सभी सजाएं साथ-साथ चलाने का आदेश दिया है।