लोगों को फंसाकर वसूलता था रुपये
परिजनों ने बताया कि वह लोगों को अपने झांसे में लेकर आए दिन ठगी करता था। उसने कई अफसरों के साथ भी ठगी की थी। इसके चलते परिजनों ने उससे संबंध खत्म कर लिए थे।
मां ने रुपये लेकर दामादों को छोड़ने का लगाया आरोप
मां छोटी बेगम ने बताया कि अमरिया पुलिस ने सईद के न मिलने पर उनके दामादों को हिरासत में ले लिया था। जब सईद मिल गया तो पुलिस ने उनसे 20 हजार रुपये लिए तब दामादों को छोड़ा। उनका कहना है कि सईद को पुलिस ने पूछताछ के लिए रोक लिया था।
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उसके बाद से सईद के बारे में परिवार को कोई सूचना नहीं मिली थी। पुलिस ने सईद को कब छोड़ा, क्या पुलिस हिरासत में ही सईद की मौत हुई, उसकी लाश असम हाईवे पर किसने फेंकी, आदि सवालों का उनके पास कोई जवाब नहीं है। पुलिस उसे हिरासत में लेने से ही इनकार कर रही है।
पुलिस ने परिवार से मिलकर कर लिया समझौता
घरवालों का कहना है कि सईद को अमरिया पुलिस ने पकड़ा था। पहले उसे अमरिया थाने में रखा गया। इसके बाद उसे सुनगढ़ी थाने में रखा गया। सईद की मौत होने के बाद पुलिस पूरे मामले को मैनेज करने में जुट गई है। परिजनों पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे इस मामले में पुलिस को न घसीटें।
उन्हें मीडिया से भी नहीं मिलने दिया जा रहा है। सईद का शव मिलने के बाद से परिजन बेहद डरे हुए हैं। पुलिस देर शाम तक परिजनों को मामले में कोई कार्रवाई न करने के लिए राजी करने में जुटी रही। कई घंटे की कोशिश के बाद परिजनों और पुलिस के बीच समझौता हो गया। परिजनों ने शव भी ले लिया।
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सुनगढ़ी थाने के इंस्पेक्टर आशुतोष रघुवंशी ने बताया कि बुधवार देर रात भाजपा कार्यालय के सामने एक युवक का शव मिला था। शव की शिनाख्त न हो पाने के कारण उसे मोर्चरी में रखवा दिया गया था। बृहस्पतिवार को शव की शिनाख्त कर ली गई। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया।