मझोला- सितारगंज का कटा मार्ग। स्रोत सोशल मीडिया
मझोला। पहाड़ों पर बारिश के बाद कैलाश नदी के उफनाने से मझोला-सितारगंज मार्ग उत्तराखंड की सीमा में कट गया है। इससे आवागमन ठप है। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार पिछले साल भी इसी जगह पर मार्ग कटा था। इसके बाद उत्तराखंड सरकार की ओर से कटे स्थान पर पुलिया बनाने के साथ इंटरलॉकिंग कार्य कराया गया था। बृहस्पतिवार को पानी बढ़ने के बाद मार्ग कटने से करीब 15 गांवों के लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
मझोला से सितारगंज जाने वाले मार्ग पर रोजाना हजारों लोग आवागमन करते हैं। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार पिछले साल बाढ़ के दौरान उत्तराखंड की सीमा में मार्ग कट गया था। इसके बाद उत्तराखंड सरकार की ओर से मरम्मत कार्य के रूप में करीब छह पाइप डलवाकर पुलिया निर्माण कराने के बाद उसके ऊपर इंटरलॉकिंग कार्य कराया गया था। करीब दो माह तक आवागमन ठप रहा था। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई थी।
इधर, बृहस्पतिवार दोपहर बाद पहाड़ों पर हो रही बारिश के बाद क्षेत्र से गुजरने वाली कैलाश नदी का जलस्तर बढ़ गया। नदी ने पिछले साल काटे गए स्थान को निशाने पर लिया और धीरे-धीरे पाइप बहने से मार्ग कट गया। करीब 20 फुट दायरे में मार्ग कटने से आवागमन ठप हो गया। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार इस मार्ग से मझोला क्षेत्र के भिंडारा, मजगमी, कटईया, बिहरैनी समेत गांवों के लोगों का उत्तराखंड के लिए आना-जाना होता है।