केजीएमयू प्रबंधन ने आरोपी डॉक्टर को बाहर निकालने का किया फैसला
उधर, केजीएमयू के प्रवक्ता के.के. सिंह ने सोमवार को पत्रकारों को बताया कि कुलपति ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मामले और यूनिवर्सिटी द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी दी थी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि केजीएमयू की कुलपति सोनिया नित्यानंद ने लखनऊ में मुख्यमंत्री से मुलाकात की और उन्हें यूनिवर्सिटी की आंतरिक जांच के नतीजों के बारे में बताया, जिसमें विशाखा समिति की रिपोर्ट भी शामिल है, जिसमें पहली नजर में आरोपी डॉक्टर के खिलाफ आरोप सही पाए गए हैं। सूत्रों ने बताया कि नित्यानंद ने आदित्यनाथ को यह भी बताया कि केजीएमयू ने आरोपी को एमडी कोर्स से निकालने का फैसला किया है।
यह है मामला
डॉ. रमीजुद्दीन नाइक को 10 जनवरी को एक महिला डॉक्टर की शिकायत के बाद गिरफ्तार किया गया था, जिसने उस पर अपनी शादीशुदा स्थिति छिपाने, शादी का वादा करके उसका यौन शोषण करने, उसे गर्भपात कराने के लिए मजबूर करने, उसे धमकी देने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया था। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश पुलिस इस मामले को एक संभावित संगठित धार्मिक धर्मांतरण रैकेट के तौर पर भी देख रही है और यह जांच कर रही है कि क्या यह किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा है।