बरखेड़ा/पीलीभीत। बरखेड़ा ब्लॉक के आधा दर्जन गांव के लोग सालभर से बंद पड़े दो आयुष्मान आरोग्य मंदिर से प्रभावित हैं। दोनों उपकेंद्रों पर ताला लटकने से लोगों को उपचार व दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। मजबूर होकर लोग बरखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चक्कर काट रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अवगत कराने के बाद भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
बरखेड़ा क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवा के उद्देश्य से खोले गए आयुष्मान आरोग्य मंदिर अब सिर्फ स्वास्थ्य महकमे के कागजों में संचालित हो रहे है। बरखेड़ा के ग्राम अमखेड़ा लखनऊ व ईटारोड़ स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर पिछले एक साल से बंद हैं। शुरुआत में तो इन केंद्रों पर सीएचओ की तैनाती की गई। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के साथ संचारी रोगों की देखभाल, पुनर्वास देखभाल, नेत्र और ईएनटी की प्राथमिक समस्याएं की सुविधा की गईं। मरीजों को समय से दवाएं भी दी गई। लेकिन कुछ समय बाद ही इन दोनों उपकेंद्रों के सीएचओ ने मूल पद से इस्तीफा दे दिया। एक साल बरखेड़ा के दोनों उपकेंद्रों पर ताला पड़ा हुआ है, गांव वालों को उपचार के लिए लंबी दूरी तय कर सीएचसी जाना पड़ता है। गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण में भी काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन बंद पड़े आरोग्य मंदिर के अंतर्गत काजरबोझी, मधपुरी, गंजरहा, लखाखास, प्रतापडण्डी, मसीत वासियों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
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एक वर्ष से उपकेंद्र खुला ही नहीं है, दवा लेने के लिए सीएचसी जाना पड़ता है। इसकी घर से दूरी काफी है, उपकेंद्र बंद होने से काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। - दीपचंद , अमखेड़ा लखनऊ
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बीते तीन माह से आयुष्मान आरोग्य मंदिर बंद पड़ता है। कभी भी कोई यहां आता जाता नहीं है, मरीजोंं को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। - देवेश, ईटारोड़
उपकेंद्रों पर जन आरोग्य मंदिर संचालित हो सकें, इसकी पूर्णता देखरेख की जा रही है। बरखेड़ा के उपकेंद्रों के बंद होने की जानकारी सामने नहीं आई है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। -
डॉ. आलोक कुमार शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी
ग्राम ईटारोड़ में आयुष्मान आरोग्य मंदिर में पड़ा ताला। संवाद
ग्राम ईटारोड़ में आयुष्मान आरोग्य मंदिर में पड़ा ताला। संवाद
ग्राम ईटारोड़ में आयुष्मान आरोग्य मंदिर में पड़ा ताला। संवाद