अंतरराष्ट्रीय सीमा पर शनिवार को पकड़ी गईं 50 गांठें भेड़ की न होकर किसी विदेशी लुप्तप्राय जीव की हो सकती हैं। इस बात की आशंका देहरादून से आई वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की फॉरेंसिक टीम ने जताई है। रविवार को टीम बालों का सैंपल साथ लेकर देहरादून लौट गई।
शनिवार को एसएसबी 26 वीं वाहिनी शारदापुरी ने पिलर संख्या 37-38 के पास लावारिस खड़ी गन्ना भरी दो ट्रॉलियों से बाल की 50 गांठें बरामद की थीं। वन अधिकारियों ने भेड़ के बाल होने का दावा किया था। एसएसबी की सूचना पर देहरादून से वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की फॉरेंसिक टीम रविवार को शारदापुरी एसएसबी चौकी पहुंची।
टीम ने एसएसबी कमांडेंट जेपी राना की देखरेख में जांच की गई। कमांटेंड राना ने बताया प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बाल विदेशी विलुप्त प्रजाति के किसी जीव जैसे पसमीना या फिर शहतूत के हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि तीन-चार दिन में जांच रिपोर्ट आने की उम्मीद है।
गर्दन फंसती देख दबाव बनाने में जुटे सफेदपोश
पीलीभीत। नेपाल से लाई गई बालों की खेप पकड़े जाने के बाद अपनी गर्दन फंसती देख इस धंधे से जुड़े लोगों ने मामले को निपटाने के लिए वन अधिकारियों और कस्टम अधिकारियों की गणेश परिक्रमा शुरू कर दी है। नेता भी अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश में जुट गए हैं।
वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की टीम की मानें तो बरामद बाल ऐसे जीवों के होने की संभावना है जो कि माइनस 40 डिग्री सेंटीग्रेट में पाए जाते हैं। लुप्तप्राय: पसमीना और शहतूत भारत में नहीं है। यह अधिकरत तिब्बत में पाए जाते हैं। एसएसबी कमांटेंड जेपी राना ने बताया कि इन लुप्तप्राय जीवों के बालों पर पड़ोसी मित्र राष्ट्र नेपाल में कोई प्रतिबंधि नहीं है। जबकि भारत में इसकी तस्करी पर पूरी तरह से रोक है।
तस्कर खुली सीमा का लाभ उठाकर यहां आसानी से इन जीवों के बालों की तस्करी करते हैं। इस धंधे से जुड़े लोग अब अपनी गर्दन फंसता देखकर वन विभाग और कस्टम अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए सफेदपोश नेता का भी सहारा ले रहे हैं।
एसएसबी ने जारी किया अलर्ट
बरामद बाल विदेशी लुप्तप्राय जीवों की होने की आशंका के चलते एसएसबी ने सीमा पर अलर्ट घोषित कर दिया है। एसएसबी आने-जाने वाले लोगों और वाहनों की सघन चेकिंग कर रही है। एसएसबी सूत्रों की मानें तो मुखबिर ने नेपाल में बड़ी संख्या में बालों के रखे होने की सूचना दी है।