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गिरफ्तार मुजरिमों की तरह लाए जाते रहे मतदाता

Thu, 07 Jan 2016 10:51 PM IST
पीलीभीत।
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जिला पंचायत अध्यक्ष का यूं तो सत्ता का चुनाव कहा जाता है। लेकिन गुरुवार को कलेक्ट्रेट में इसकी झलक साफ देखने को मिली। सपा प्रत्याशी के पक्ष में गाड़ियों से एक-एक दो-दो कर सदस्य लाए जाते रहे और मतदान के बाद उन्हें गाड़ी से ले जाया। इतना ही नहीं अपने चुनाव में रात दिन वोट मांगने पर भी न थकने वाले अपना वोट डालते समय एकाएक बीमार हो गए। मतदान करते समय कहीं मतदाता बदल न जाए इसलिए उनके साथ सहायकों को भी लगाया गया था। वहीं आशा देवी के मतदाताओं की गाड़ियों को काफी दूर ही रोक दिया गया।
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जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में कड़ी सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। लेकिन पुलिस के यह इंतजाम सिर्फ गैर सपाइयों के लिए प्रतीत हो रहे थे। पत्रकारों पर भी  पुलिस की बंदिशें थीं, लेकिन सपा के लोगों के लिए अंदर-बाहर जाने की पूरी छूट दी गई थी। 11 बजे शुरू हुए चुनाव में सपा प्रत्याशी आरती देवी प्रस्तावक निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष रुकैइया पहुंची। वहीं मेनका गुट की ओर से प्रत्याशी आशा देवी और उनकी प्रस्तावक रूचि सागर पहुंची। चारों को मतदान कक्ष में बैठाया गया जो पूरे मतदान के समय अंदर मौजूद रहीं।
इसके बाद जब मतदान शुरू हुआ तो सपा समर्थित अधिकांश मतदाताओं को एक-एक, दो-दो कर गाड़ियों से मतदान स्थल तक लाया गया। गाड़ियों के कलेक्ट्रेट के मेनगेट पर पहुंचने पर पास में बैठे सपा के कई वरिष्ठ नेता उन्हें घेर लेते थे लेकिन सीओ जहानाबाद निर्मल सिंह विष्ट सहित वहां तैनात चार चार एसओ उन्हें रोकने की हिम्मत नहीं जुटा सके।
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वहीं आशा देवी समर्थकों एवं उनके मतदाताओं की गाड़ियों को टनकपुर रोड तिराहे पर रोका गया। बाद में इसकी शिकायत डीएम एसपी से करने पर सभी को गाड़ियां लाने की छूट दी गई।
मेनका समर्थकों ने दिया धरना, लगाया धांधली का आरोप
जिला पंचायत चुनाव में मेनका समर्थकों ने पुलिस और प्रशासन पर सपा के एजेंट के रूप में काम करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की और कलेक्ट्रेट गेट के सामनेे धरना दिया। बाद में पुलिस ने उन्हें समझाकर कलेक्ट्रेट गेट से पीछे हटाया। मेनका गांधी पीआरओ रंजीत कुमार, स्वामी प्रवक्तानंद सहित अधिकांश लोगों का आरोप था की प्रशासन हर कदम पर सपा का साथ दे रही है। उनका कहना था कि आशा देवी के मतदाताओं को सहायक देने से साफ मना दिया गया जबकि 11 सपाइयों को सहायक दिए गए। इसके खिलाफ मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, मुलायम सिंह यादव, राज्यमंत्री हेमराज वर्मा के मुर्दाबाद के नारे लगे।
सपा ने प्रशासन की मदद से जीता चुनाव
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद बाहर आई आशा देवी ने प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाया। आरोप है कि पूरनपुर विधायक और सपा के लोगों ने प्रशासन से मिलीभगत के कारण खूब दबंगई दिखाई और मतदाताओं को धमकाकर चुनाव जीत लिया। उनका आरोप है कि मतदान केंद्र में भी सपा के लोग मतदाताओं से बैलेट पेपर लेकर स्वयं मतदान कर रहे थे। इसकी शिकायत जब डीएम से की तो उन्होंने भी कोई कार्रवाई नहीं की उल्टे धमकी दी गई। उन्होंने बताया कि वह पूरे मामले की शिकायत चुनाव आयोग को भेज रही हैं।
महिला वोटर को गाड़ी में खींचने का प्रयास
जिला पंचायत के वार्ड नौ की सदस्य मिथलेश कुमारी का आरोप है कि उन्हें मतदान करने की धमकी दी गई लेकिन न मानने पर मतदान को आते समय टनकपुर रोड से कचहरी की ओर कार मोड़ते ही वहां मौजूद सपाइयों ने पुलिस के सहयोग से उनकी गाड़ी रोक ली। आरोप है कि गाड़ी के रुकते ही उनका हाथ पकड़कर बाहर खींचने का प्रयास किया गया। किसी तरह बच कर वह मतदान करने पहुंची। इसके बाद पुलिस की अभिरक्षा में उन्हें मतदान स्थल तक ले जाया गया और मतदान के बाद घर तक छुड़वाया गया।
भीड़ हटाने में पुलिस फेल, पत्रकारों से भी धक्का मुक्की
कलेक्ट्रेट के मेन गेट पर भीड़ एकत्र न हो इसके लिए पर्याप्त पुलिस व पीएसी लगाई गई थी। भीड़ में अधिकांश सपाई होने के कारण पुलिस उन्हें हटाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी। मतदाताओं के आने पर भीड़ मेन गेट तक पहुंच जा रही थी। काफी देर बाद पहुंचे सीओ सिटी यशवीर सिंह ने भीड़ हटाने के निर्देश दिए। इस पर पुलिस भीड़ न हटाकर पत्रकारों से ही धक्का मुक्की करने लगी। इसको लेकर पुलिस और पत्रकारों के बीच कहासुनी भी हुई। बाद में सीओ द्वारा माफी मांगने पर मामला शांत हुआ।
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