अमरिया। गांव रसूला के पास आबादी क्षेत्र में तेंदुआ देखा गया है। गांव के बराबर में सिंचाईं के लिए मोटर चालू करने जा रहे मजदूरों को रविवार रात आठ बजे रास्ते में बैठा तेंदुआ दिखाई दिया। वह शोर मचाते हुए घबराकर गांव की ओर लौट गए। आबादी के आसपास तेंदुए की मौजूदगी से डरे ग्रामीण अब खेतों पर जाने से परहेज कर रहे हैं।
तहसील क्षेत्र के गांव गजरौला, सूरजपुर, जगत, विशनपुर, खलीनवादा, क टैया, बिरहैनी आदि में तेंदुओं की चहलकदमी जारी है। आबादी क्षेत्र में तेंदुओं की दस्तक से ग्रामीण सहते हुए हैं। ग्रामीणों व वनकर्मियों के मुताबिक इस समय अमरिया क्षेत्र में लगभग आधा दर्जन तेंदुए प्रवास कर रहे हैं। इनमें से कुछ का उत्तराखंड के जंगलों में भी आना-जाना लगा रहता है।
गांव तिरकुनियां निवासी मोहम्मद हारून ने बताया कि वह रसूला गांव में दलबीर सिंह के यहां खेती का काम करते हैं। रविवार की शाम आठ बजे गांव से 50 मीटर दूर कब्रिस्तान के बराबर में लगी मोटर चालू करने के लिए मजदूर प्रकाश, संजीव व एक अन्य साथी के साथ जा रहे थे। कुछ दूरी पर कब्रिस्तान के बराबर से जाने वाले रास्ते पर एक तेंदुआ बैठा दिखाई दिया। तेंदुए को सामने देख मजदूर घबरा गए।
अपनी जान बचाने के लिए शोर मचाते हुए गांव की ओर भाग गए। शोर सुनकर तेंदुआ पास के गन्ने के खेतों में चला गया। घटना की सूचना के बाद वन दरोगा सोनी सिंह, टाइगर ट्रेकर चेतन कुमार ने सोमवार को सुबह गांव पहुंचकर मौका मुआयना किया। वन दरोगा सोनी सिंह ने बताया कि तेंदए के पगमार्क मिले हैं। ग्रामीणों को सतर्क किया गया है। शाम के समय पटाखे छोड़कर तेंदुए को जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया जाएगा।