शहरवासियों को शुद्ध पेयजल मुहैय्या कराने के लिए शहर में बिछाई गईं पाइप लाइनें अब जर्जर होती जा रही हैं। 27 वार्डों के इस शहर के अधिकांश इलाके में लीकेज पाइप लाइनों के जरिए दूषित और गंदा पानी घरों में पहुंच रहा है, जिसे पीकर शहरवासी बीमार पड़ रहे हैं।
नगर पालिका में करीब तीन दशक पुरानी पाइपलाइनों के जरिए पानी की सप्लाई की जा रही है। दशकों पुरानी पाइप लाइनें अब बूढ़ी हो चुकी हैं। पेयजल व्यवस्था पर गौर करें तो अकेले मोहल्ला आसफजान की एक गली में कई स्थानों पर लीकेज पाइप लाइन से पानी बहता देखा जा सकता है। कमावेश अन्य मोहल्लों में भी लीकेज पाइप लाइनें मिलना आम बात है। यदि एक जगह से पाइप लाइन लीक हो जाए तो पानी के संग नालियों का गंदा पानी भी पाइप लाइनों के माध्यम से होता हुआ घरों तक पहुंच जाता है। लोगबाग इस गंदे पानी को पीकर बीमार हो रहे हैं। आलम यह है कि अस्पताल में पहुंचने वाले हर तीसरे मरीज को डॉक्टर पानी उबालकर पीने या प्यूरीफाई वाटर ही पीने की सलाह दे रहे हैं।
इन मोहल्लों में है दूषित पानी की सप्लाई
- आसफजान
- सुनगढ़ी
- दुर्गाप्रसाद
- कुंवरगढ़
- बेनी चौधरी
- बुजकसावान
- शेर मोहम्मद
- मोहम्मद वासिल
दूषित पानी ही है बीमारी की जड़
बीमारी की सबसे बड़ी वजह दूषित पानी है। दूषित पानी पीकर ही लोग टायफाइड, किडनी जैसी गंभीर बीमारी का शिकार हो रहे हैं। पानी का उबालकर पीना ही सबसे बड़ा बचाव है।
- डॉ. पीके मिश्रा, फिजीशियन, जिला अस्पताल
जल्द होगी पेयजल
व्यवस्था दुरुस्त
शहर की पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने को अमृत योजना के तहत खाका खींचा जा रहा है। जिन स्थानों पर पाइपलाइन लीक होने की सूचना मिलती है वहां, कर्मचारियों को भेजकर तत्काल पाइप लाइन दुरुस्त कराई जाती है।
- सोमप्रकाश, जेई, जलकल विभाग