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स्कूल प्रबंधक और कमेटी पर कसा कानूनी शिकंजा

Tue, 19 Sep 2017 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  पीलीभीत।
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दरोगा की ओर से पुलिस ने दर्ज की आत्महत्या को विवश करने की रिपोर्ट  
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फीस जमा न होने पर स्कूल प्रबंधन की प्रताड़ना से तंग होकर छात्र ने की थी खुदकुशी  
फीस जमा न होने पर बार-बार स्कूल से भगाए जाने से आहत होकर छात्र के आत्महत्या करने के मामले में एसपी की सख्ती के बाद कानूनी कार्रवाई की गई। सीओ पूरनपुर ने मौके पर जाकर मामले की जांच की। इसके बाद दरोगा की ओर से प्रबंधक और स्कूल कमेटी के खिलाफ आत्महत्या को विवश करने का मुकदमा दर्ज किया गया है।  
हजारा क्षेत्र के गांधी नगर गांव निवासी 14 वर्षीय रॉबिन ने सोमवार की सुबह घर के पास स्थित लीची के पेड़ पर रस्सी का फंदा बना आत्महत्या कर ली थी। परिवार वालों ने पुलिस को सूचना दिए बिना शव का अंतिम संस्कार कर दिया। मां लता सिंह ने आरोप लगाया कि छह माह से उसकी स्कूल फीस जमा नहीं हो सकी थी। इसको लेकर स्कूल स्टाफ उसको बार बार घर भेज दे रहा था। इसी प्रताड़ना से आहत होकर मां ने बेटे के आत्महत्या करने की बात कही। देर शाम मामला संज्ञान में आने पर एसपी कलानिधि नैथानी ने सख्ती की। सीओ पूरनपुर अनुराग दर्शन को गांव जाकर पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए। इसके बाद रात में ही सीओ गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार व ग्रामीणों से जानकारी की। जिसमें स्कूल फीस के दबाव को लेकर ही आत्महत्या करने की बात सामने आई। मां ने भी इसको लिखकर पुलिस को दे दिया। जिसके बाद कानूनी कार्रवाई करते हुए दरोगा अनुज शर्मा की ओर से अमन चिल्ड्रन स्कूल के प्रबंधक अवधेश कुमार सिंह व स्कूल कमेटी के खिलाफ आत्महत्या को विवश करने का मुकदमा दर्ज किया है।  
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छात्र की मौत के बाद जागा शिक्षा विभाग, जांच को पहुंची टीम 
पीलीभीत। छात्र रॉबिन की मौत के बाद अमन चिल्ड्रन स्कूल की मान्यता को लेकर भी सवाल खड़े हो गए थे। स्कूल की मान्यता कक्षा आठ तक बताई गई। जबकि छात्र के परिवारीजन उसको कक्षा नौ का छात्र बता रहे थे। जिससे यह स्पष्ट हो गया था कि फर्जी तरीके से स्कूल में मान्यता से अधिक कक्षाएं संचालित की जा रही है।  
दूसरे दिन मामले में कानूनी शिकंजा कसते ही स्कूल प्रबंधन की ओर अवैध तरीके से संचालित की जा रही कक्षाएं बंद करा दी गईं। कक्षा नौ और दस के बच्चों को घर भेज दिया गया। यह भी सामने आ रहा है कि यहां पर कक्षा नौ और दस के बच्चों का दाखिला किसी अन्य स्कूल के नाम से कर रखा था, सिर्फ उनको यहां पर पढ़ाई कराई जाती थी। अब मामला उजागर होने पर अपनी गर्दन को फंसता देख शिक्षा विभाग भी सख्ती के दावों के साथ आगे आया है। मंगलवार को एबीएसए भरत कुमार टीम के साथ गांधी नगर पहुंचे और विद्यालय की जांच की। जिसमें कक्षा आठ तक की मान्यता सही पाए जाने की बात कही गई है। जबकि अवैध तरीके से संचालित हो रही कक्षाओं को लेकर फिलहाल कोई बयान सामने नहीं आ सका है।  

मौके पर जाकर पूरे मामले की जांच की गई है। जिसके आधार पर दरोगा की ओर से स्कूल प्रबंधक और कमेटी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच के आधार पर सख्त कार्रवाई होगी।  
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अनुराग दर्शन, सीओ पूरनपुर 

एबीएसए को टीम के साथ गांधीनगर स्कूल की जांच के लिए भेजा गया है। शुरूआती जांच में कक्षा आठ तक की मान्यता सही पाई गई है। स्कूल फीस को लेकर दबाव बनाने और अवैध तरीके से आगे की कक्षाएं चलाने को लेकर जांच जारी है, सख्त कार्रवाई की जाएगी।  
डा. इंद्रजीत प्रजापति, बीएसए 
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