पीलीभीत। राष्ट्रीय सहकारी सप्ताह के अवसर पर सहकार से समृद्धि योजना के तहत शुक्रवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कमेटी (डीसीडीसी) की अहम बैठक आयोजित हुई। बैठक में सहकारिता विभाग की उपलब्धियों, डिजिटाइजेशन पर चर्चा की गई और किसानों को डिजिटल व साधन-संपन्न बनाने पर जोर दिया गया।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक (सहकारिता) इंदु सिंह ने बताया कि भारत सरकार के निर्देश पर जिले की 76 बी-पैक्स सहकारी समितियों को कंप्यूटर हार्डवेयर उपलब्ध कराते हुए कंप्यूटराइजेशन प्रक्रिया का शुभारंभ कर दिया गया है। किसान भी अब हाईटेक हो रहे हैं। शुक्रवार को ही किसानों ने उर्वरक खरीद के लिए क्यूआर कोड के माध्यम से पांच लाख 15 हजार 690 रुपये का डिजिटल भुगतान किया।
इसके साथ ही जिले में 24 नई बी-पैक्स का गठन किया गया है। शासन स्तर से इन समितियों को बुनियादी ढांचे (कुर्सी, मेज, कूलर आदि) के लिए दो-दो लाख रुपये की धनराशि आवंटित की गई है। इसके अलावा 10 समितियों पर सोलर प्लांट स्थापित किए गए हैं। कलीनगर, काजरबोझी और सिकरहना पर नए गोदामों का निर्माण कराया गया है।
बैठक में बताया गया कि बीते रबी सीजन में लगभग 1.51 लाख किसानों को यूरिया, डीएपी और एनपीके खाद उपलब्ध कराई गई। इस पर शासन द्वारा 242.60 करोड़ रुपये की भारी-भरकम सब्सिडी दी गई। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विशेष अभियान चलाकर किसानों को समितियों का सदस्य बनाएं। साथ ही जिन नई बी-पैक्स समितियों के पास गोदाम/भवन के लिए अपनी जमीन नहीं है। उनकी सूची दो दिन के भीतर तैयार कर अपर जिलाधिकारी उपलब्ध कराएं।