पीलीभीत में मंडी परिसर स्थित स्ट्रांग रूम की निगरानी के लिए लगे सीसीटीवी कैमरों को तोड़ने वाले बंदरों को खदेड़ने को लंगूर को बुलाया गया है। दिलचस्प बात है कि लंगूर के पहुंचने के बाद कोई बंदर स्ट्रांग रूम के पास नजर नहीं आया। यानी अधिकारियों की तरकीब कारगर साबित हुई।
मंडी परिसर में ईवीएम और वीवीपैट के लिए स्ट्रांग रूम बनाए गए हैं। इनकी निगरानी के लिए 52 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। उत्पाती बंदरों ने तीन-चार दिनों में ही 40 कैमरे तोड़ डाले। इनको भगाने के लिए वन विभाग की टीम भी बुलाई गई। पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए गए।
कुछ बंदरों को पकड़कर जंगल भी छोड़ा गया, लेकिन बंदरों का उत्पाद बंद नहीं हुआ। रविवार को मंडी परिसर में स्ट्रांग रूम के पास लंगूर नजर आया। इसको लाल मुंह वाले जंगली बंदरों को भगाने के लिए बुलाया गया है। माना जाता है कि जहां लंगूर होंगे वहां लाल मुंह वाले जंगली बंदर नहीं रुकते और भाग जाते हैं। अफसरों की यह तरकीब कारगर भी नजर आई जब लंगूर के पहुंचने के बाद स्ट्रांग रूम के पास कोई जंगली बंदर नजर नहीं आया। जो आसपास थे भी चले गए।