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Pilibhit News: लाखों डूबे पर सरोवरों में अमृत सूखा

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बीसलपुर के गांव बिहारीपुर ​स्थित अमृत सरोवर । संवाद
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पीलीभीत। लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी जिले में अमृत सरोवरों की स्थिति बदहाल है। शासन की मंशा के अनुरूप यहां कार्य नहीं हुआ है तो कुछ स्थानों पर तो यह कागजों तक ही सीमित हैं।
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जिले में करीब डेढ़ साल से शासन के आदेश पर मनरेगा योजना के तहत सभी ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवरों को बनाने का काम किया जा रहा है। मंशा है कि यहां पर शाम और सुबह के समय गांव के लोग टहल सकें। मौजूदा समय में तालाब बदहाल स्थिति में हैं। यहां लगाई गई बेंच बैठने योग्य नहीं हैं तो तालाब भी सूख रहे हैं। साफ सफाई न होने से वहां लगे शहीदों के शिलापट भी धूल से ढक गए हैं। और तो और सूख रहे तालाबों में पानी भरने की भी कोई व्यवस्था नहीं है।
जिले में कुल 720 ग्राम पंचायतें हैं। इसमें से बीसलपुर ब्लॉक कार्यालय के अभिलेखों के अनुसार ब्लॉक क्षेत्र में कुल 21 अमृत सरोवर हैं। इनमें केवल तीन सरोवर में पानी है, बाकी 18 सरोवर सूखे हैं। स्थिति यह है कि कुछ ग्राम पंचायतों में तो सरोवरों का निर्माण ही अधूरा पड़ा हुआ है। वहीं कुछ स्थानों पर सरोवर में न के बराबर कार्य हुआ है।
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इससे रखरखाव के अभाव में बने सरोवर बदहाल स्थिति में हैं। चंद्रपुरा के प्रधान हरपाल गंगवार ने बताया कि उनके गांव का सरोवर केवल कागजों में चल रहा है, वहीं बौनी की प्रधान किरण देवी ने बताया कि उनके गांव का सरोवर अधूरा है। सकुटिया जसकन्नापुर की प्रधान लड़ैती देवी ने बताया कि उनके गांव के सरोवर में न के बराबर काम हुआ है।
प्रधान सरोजिनी गंगवार ने बताया कि कासिमपुर गांव में सरोवर बनाने के लिए जगह का तो चयन हो गया है लेकिन वह अब तक नहीं बना है, जबकि ब्लॉक कार्यालय के अनुसार इस गांव में दो सरोवर हैं।


गांव में नहीं हैं सरोवर, फिर भी कागजों में दर्ज
ब्लॉक कार्यालय के अनुसार गांव रिचोला घासी में दो अमृत सरोवर है लेकिन ग्रामीणों ने एक भी अमृत सरोवर के होने की पुष्टि नहीं की है। इस बाबत ब्लॉक कार्यालय के मनरेगा अनुभाग के सहायक परियोजना अधिकारी अविनाश तिवारी ने बताया कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण अभी सरोवरों का कायाकल्प नहीं हो पाया है।
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यह होने थे काम
अमृत सरोवर निर्माण में मनरेगा से खोदाई के प्रावधान के साथ ही घाट व सीढ़ी का निर्माण, तालाब के आसपास पौधरोपण, इंटरलॉकिंग, ध्वजारोहण स्थल, बेंच लगवाने व तार की बाड़ लगाने के साथ तालाब में पानी भरने व निकासी पर धनराशि खर्च की जानी है। तालाबों पर स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर ध्वाजारोहण किया जाना भी योजना में शामिल है।
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पूरनपुर ब्लॉक में 60 में से 36 अमृत सरोवर ही बने
पूरनपुर ब्लाॅक क्षेत्र में 60 अमृत सरोवर बनाए जाने हैं जिसमें 36 ही बन सके हैं। शेष पर काम कराया जा रहा है। खंड विकास अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि अमृत सरोवरों के अलावा कई तालाबों में पानी भरा है। जिन अमृत सरोवर या तालाब में पानी नहीं भरा है, उनको भरवाने के निर्देश ग्राम पंचायत सचिवों, प्रधानों को दिए गए हैं।
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एक अमृत सरोवर पर अधिकतम खर्च किए जाने थे नौ लाख

जिले में कुल 720 अमृत सरोवरों का निर्माण किया जाना था। इसमें से अब तक कुल 192 अमृत सरोवरों का निर्माण किया जा चुका है। इसमें से भी अधिकतम रखरखाव के अभाव में बदहाल हो गए हैं। अधिकतम एक सरोवर पर नौ लाख रुपये तक बजट स्वीकृत किया गया है।

जिले में 192 अमृत सरोवरों का काम पूरा हो चुका है। मौजूदा समय में जिस तालाब के पास नहर गुजरी है वहां से पानी भरने के निर्देश हैं। साथ ही पास के नलकूप से पानी भरने के लिए कहा गया है। इसके लिए शासन की ओर से आदेश भी जारी हुआ है।
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- मृणाल सिंह, उपायुक्त मनरेगा
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