बरखेड़ा। ईंट भट्ठा पर काम कर रहे मजदूर की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने भट्ठा स्वामी पर हत्या का आरोप लगाया। कार्रवाई की मांग करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। परिजनों के समर्थन में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सख्ती कर ग्रामीणों को खदेड़ा।
बरखेड़ा क्षेत्र के गांव आमडार निवासी मंशाराम (45) पुत्र छेदा लाल शुक्रवार को सुबह 10 बजे काम पर गए थे। साथ में काम करने वाले उमराखान सिंह गांव निवासी विनोद ने दोपहर करीब तीन बजे मंशाराम को भट्ठा परिसर में मृत देखा तो सूचना परिजनों को दी।
मौके पर पहुंचे परिजनों ने भट्ठा मालिक पर हत्या करने का आरोप लगाया। कहा कि करीब आठ साल से वह भट्ठे पर मजदूरी करते थे, लेकिन भट्ठा स्वामी मजदूरी के नाम पर खर्च करने के लिए ही रुपये देता था। कई बार कहने के बाद भी रुपये नहीं दिए थे। कार्रवाई न होने तक शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया।
पुलिस ने विरोध कर रहे लोगों को समझाया। ग्रामीणों के न मानने पर सख्ती भी की गई, लेकिन परिजन राजी नहीं हुए। सूचना पर सीओ प्रतीक दहिया भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों से बातचीत कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। देर शाम तक मामले का हल नहीं निकल सका। थाना प्रभारी मुकेश कुमार शुक्ला ने बताया कि परिजनों से बातचीत की जा रही है।
थाना पुलिस पर महिलाओं से अभद्रता का आरोप
मजदूर की मौत के बाद मौके पर काफी संख्या में महिलाएं भी पहुंचीं। ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर पहुंची बरखेड़ा पुलिस ने महिलाओं के साथ अभद्रता की। मौके से जबरन हटाने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस ने आरोपों से इन्कार किया।
मृतक मंशाराम फाइल फोटो।