पूरनपुर। लखीमपुर में किसानों की अंतिम अरदास में भारी संख्या में भीड़ न पहुंच सके। इसको लेकर पुलिस प्रशासन ने असम हाईवे सहित पांच स्थानों पर बेरिकेडिंग कर कई लोगों को लखीमपुर जाने से रोक दिया। कुछ किसान नेताओं को घरों में नजरबंद भी किया गया। आईजी रमित शर्मा ने सोमवार देररात पहुंचकर हाईवे पर सीमा तक पहुंचकर स्थिति देखी।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सोमवार को क्षेत्र में पंचायत कर लोगों को मंगलवार को लखीमपुर में मारे गए किसानों की अंतिम अरदास में पहुंचने का आवाहन किया था। क्षेत्र से लखीमपुर को भारी भीड़ रवाना न हो सके। इसको लेकर पुलिस प्रशासन ने सोमवार शाम से ही रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी थी। सोमवार देररात आईजी रमित शर्मा पूरनपुर पहुंचे। उन्होंने जिले की सीमा तक पहुंचकर स्थिति देखी। कुछ देर कोतवाली रुककर चले गए। पुलिस, प्रशासन ने असम हाईवे पर हरदोई ब्रांच नहर, नगर में टेलीफोन एक्सचेंज के समीप, सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के गढ़वाखेड़ा और सीमा पर कजरी निरजंनपुर में बेरिकेडिंग कर लखीमपुर जाने वालों को वापस कर दिया। इससे कई बार की स्थिति भी हुई। मंगलवार को असम हाईवे पर टेलीफोन एक्सचेंज के समीप रालोद नेता जयंत चौधरी को भी कुछ देर रोका गया। हालांकि बाद में उनको लखीमपुर जाने दिया गया। उत्तराखंड सहित अन्य प्रदेश से लखीमपुर जाने वाले कई किसानों को पुलिस ने वापस कर दिया। भाकियू नेता मंजीत सिंह, लोक शक्ति के जिलाध्यक्ष गुरतेज सिंह को घरों में नजरबंद कर पुलिस तैनात कर दी गई। अन्नदाता किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष मनप्रीत सिंह और प्रदेश महामंत्री के घरों पर भी पुलिस उनको नजरबंद करने को पहुंची। मगर दोनों नेता इससे पहले ही घरों से निकल चुके थे। कोतवाल रामसेवक ने बताया कि लखीमपुर में अधिक भीड़ जमा न हो सके। इसको लेकर कई लोगों को लखीमपुर जाने से रोका गया। 10-12 किसान नेताओं को घरों में नजरबंद भी कराया गया था।