चर्चाओं में रहा था चंदू का किस्सा
पीटीआर का एक अन्य बाघ भी वर्ष 2018 में सुर्खियों में रहा था। पांच मार्च को माधोटांडा क्षेत्र के चांदपुर गांव में महिला को मारने के बाद घेराबंदी कर बाघ को बेहोश कर पकड़ा गया था। बाघ की कद-काठी देख रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे अफसर और कर्मचारी दंग रह गए थे। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद बाघ को बेहोश करने में सफलता मिली थी।
ये भी पढ़ें- Bareilly News: युवती को ले जाने की रंजिश में दो समुदाय के लोग भिड़े... तड़तड़ाईं गोलियां, पांच घायल
दो दिन तक मुस्तफाबाद में रखकर बाघ को नौ मार्च 2018 को दुधवा भेजा गया था। वहां बाघ का नाम चंदू रखा गया। लोकेशन ट्रेस करने के उद्देश्य से उसके गले में रेडियो कॉलर लगाकर जंगल में छोड़ दिया गया था। करीब डेढ़ माह तक उसकी लोकेशन मिलती रही, लेकिन बाद में उसका कोई पता नहीं लगा। कुछ समय बाद बाघ के नेपाल की ओर निकल जाने की बात सामने आई, लेकिन कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी।