शुल्क ज्यादा होने के कारण नहीं भा रही मोटरबोट
मोटरबोट से तीन किलोमीटर तक करीब एक घंटे तक सैर कराई जाती है। माना जा रहा है कि शुल्क अधिक होने की वजह से मोटरबोट सफारी सैलानियों को कम भा रही है। पिछले सत्र में इन्हीं दिनों के दौरान 160 से अधिक सैलानियों ने मोटरबोट सफारी की थी। इस गिरावट को लेकर वन निगम के अधिकारी सर्द मौसम को वजह बता रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि ठंड के मौसम में पानी पर सफारी करने से सैलानी कतराते हैं, इसके चलते मोटरबोट की मांग कम रहती है। हालांकि कुछ जानकार का कहना है कि अधिक शुल्क और सीमित सुविधा भी वजह हो सकती है। वन निगम के चूका इंचार्ज पुलकित कुमार ने बताया कि सत्र की शुरुआत से लेकर 15 जनवरी तक करीब 100 सैलानियों ने मोटरबोट की सैर की है। संख्या पिछले सत्र की अपेक्षा कम रही है।