पीलीभीत। स्वास्थ्य विभाग नेपाल सीमावर्ती भरतपुर हजारा व जंगल से सटे दियूरियाकलां क्षेत्र में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने जा रहा है। इन केंद्रों के खुलने से ग्रामीणों को बाजार की तुलना में काफी कम कीमत पर जेनेरिक एलोपैथिक व आयुर्वेदिक दवाएं मिलेंगी। इससे मरीजों को इलाज पर खर्च कम करना पड़ेगा।
विभाग की ओर से प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र में मरीजों को सस्ती जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराने लिए 10 जन औषधि केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्रों से रोजाना सैकड़ों मरीज बाजार मूल्य से 50-90 प्रतिशत कम मूल्य पर दवाएं खरीदते हैं। नेपाल की सीमा से सटे हजारा व दियूरिकलां क्षेत्र के मरीजों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा था। मेडिकल स्टोर संचालक मरीजों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। विभाग ने मरीजों की सुविधा के लिए हजारा व दियूरियाकलां में स्थान चिह्नित कर जन औषधि केंद्र खोलने की कवायद तेज की है।
जिले में इन स्थानों पर संचालित हैं जन औषधि केंद्र
मौजूदा समय में जिले में जिला अस्पताल परिसर, महिला अस्पताल परिसर, सीएचसी बरखेड़ा, बीसलपुर, बिलसंडा, माधोटांडा, पूरनपुर, न्यूरिया, अमरिया, कुरैयाकलां में जन औषधि केंद्र संचालित हैं। दो अन्य केंद्र खुलने से इनकी संख्या बढ़कर 12 हो जाएगी।
2200 जेनेरिक दवाएं, 300 सर्जिकल व 150 प्रकार की मिलती हैं आयुर्वेदिक दवाएं
जन औषधि केंद्र पर वर्तमान में 2200 प्रकार की जेनेरिक दवाएं (कैप्सूल, टैबलेट, सीरप, ट्यूब आदि) मिलते हैं। वहीं भर्ती वार्डों व ऑपरेशन थियेटर में प्रयुक्त 300 प्रकार के सर्जिकल आइटम व 150 प्रकार की आयुर्वेदिक दवाएं मिलती हैं। जिन पर दाम बाजार मूल्य से 50-90 प्रतिशत तक कम होता है।