घुंघचाई। थाना क्षेत्र के गांव नरायनपुर ता.घुंघचाई से जनकापुर तक जाने वाला डेढ़ किलोमीटर लंबा कच्चा चकरोड बरसात में ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। बारिश के बाद जलभराव और कीचड़ की समस्या बढ़ने से करीब आठ गांवों के 30 हजार लोग आवागमन में परेशानी झेल रहे हैं।
नरायनपुर गांव से लेकर जनकापुर गांव तक जाने वाला चकरोड कच्चा है। चकरोड से नरायनपुर, दिलावरपुर, फत्तेपुर, घुंघचाई, जनकापुर, सिमरिया, चंदोखा सहित कई गांवों के लोगों का आवागमन होता है। लोग कम दूरी तय कर घुंघचाई कस्बे को पहुंच जाते है, लेकिन बरसात शुरू होते ही चकरोड पर गड्ढे व कीचड़ की समस्या बढ़ गई है।
आवागमन प्रभावित होने से लोग लंबी दूरी तय कर दूसरे मार्ग से जाने को मजबूर हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में यह कच्चा चकरोड दलदल का रूप ले लेता है। यह चकरोड घुंघचाई-बंडा हाईवे को भी जोड़ता है। जलभराव और दलदल होने से आए दिन वाहन फंसकर पलट जाते हैं। मनरेगा से कई बार मरम्मत के बाद भी चकरोड की स्थिति खराब है। कई बार मांग के बाद भी चकरोड की स्थिति में सुधार नहीं हो सका है।
ग्रामीण बोले- मार्ग से होकर गुजरते हैं आठ गांव के लोग
मार्ग को पक्का कराया जाना बेहद जरूरी है। इससे लगभग आठ गांवों के लोगों का आवागमन है। जनप्रतिनिधियों को भी इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।- नेतराम वर्मा, ग्रामीण
बारिश में यह मार्ग दलदल का रूप ले लेता है। आए दिन वाहन चालक गिरकर चोटिल होते रहते हैं। जल्द ही इस कच्चे रास्ते का पक्का निर्माण होना जनहित में जरूरी है।- सुखदेव सक्सेना, ग्रामीण
गांव नरायनपुर ता.घुंघचाई से जनकापुर तक जाने वाला डेढ़ किलोमीटर कच्चा मार्ग। संवाद
गांव नरायनपुर ता.घुंघचाई से जनकापुर तक जाने वाला डेढ़ किलोमीटर कच्चा मार्ग। संवाद