पीलीभीत। पीडब्ल्यूडी के जेई मुकेश कुमार पर कार्रवाई के बाद प्रशासन ने ऐसे कर्मचारियों और अधिकारियों पर निगरानी बढ़ा दी है। जिनको लेकर पहले भ्रष्टाचार की शिकायतें पहुंचती रही हैं। इसके लिए स्थानीय खुफिया ईकाई और शासन-प्रशासन के इंटेलिजेंस नेटवर्क की मदद ली गई है। अधिकारियों और कर्मचारियों की गतिविधियों को ट्रेस किया जाएगा। यह भी देखा जाएगा कि इन अधिकारियों और कर्मचारियों का किन लोगों से साथ उठना बैठना हो रहा है।
पीब्ल्यूडी के जेई के निवास से शनिवार को 41 लाख रुपये मिले थे। इसके बाद प्रशासनिक अमले में खलबली बढ़ गई क्योंकि इन दिनों चुनाव हैं और अवैध रूप से रुपये के लेनदेन के मामले कई जिलों में पकड़े गए हैं। हाईवे पर इन दिनों संघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है ताकि चुनाव में अवैध रुपयों का इस्तेमाल न हो सके। जेई के यहां नकदी पकड़े जाने के बाद इंटेलिजेंस ने इस तरह के लोगों को रडार पर लेना शुरू कर दिया है। सूत्रों के अनुसार विभिन्न विभागों के करीब सौ कर्मचारी और अधिकारी रडार पर लिए गए हैं। प्रशासन ने इंटेलिजेंस की मदद से ऐसे लोगों के हर मूवमेंट की नजर रखना शुरू कर दिया है। आगे कार्रवाई हो सकती है।
जेई को डूडा के प्रभार से हटाया गया
जेई मुकेश कुमार को पीडब्ल्यूडी के विभागीय प्रभार से हटा दिया गया है। डीएम ने उसे डूडा के अतिरिक्त प्रभार से भी हटा दिया है। इसके अलावा शासन को विभागीय कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। डीएम पुलकित खरे ने बताया कि डूडा के प्रभार हटाने के साथ शासन को विभागीय कार्रवाई के लिए लिख दिया है।
अवैध रुपयों के लेनदेन के मामलों पर लगाम लगाने के लिए इंटेलिजेंस की मदद से उन कर्मचारी और अधिकारियों की निगरानी बढ़ा दी है जिनके जिनके खिलाफ पहले शिकायतें मिल चुकी हैं। कुछ लोगों को रडार पर भी रखा गया है।
-पुलकित खरे, डीएम