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महंगाई की मार...आशियाना बनाना हुआ और महंगा

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र्मिणाधीन भवन। संवाद - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। अगर आप आशियाना बनाने की सोच रहें तो बेलगाम हुई महंगाई का सामना करना पड़ेगा। घर निर्माण से जुड़ी अधिकतर वस्तुओं की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। फरवरी के मुकाबले अब घर बनाने में 20-25 फीसदी तक ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। सिर्फ निर्माण ही नहीं, साज सज्जा की चीजें भी महंगी हुईं हैं। इसमें घरों को रंगने वाले पेंट, विद्युत सामग्री भी शामिल हैं।
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रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग और बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दामों ने महंगाई में करारा तड़का लगाया है। पिछले एक महीने में निर्माण संबंधी वस्तुओं की कीमतें तेजी से ऊपर चढ़ी हैं। हालांकि दो तीन दिन से थोड़ी रफ्तार कम हुई है। फरवरी में सरिया की कीमत 6500 रुपये प्रति क्विंटल थी, जो मार्च में 8500 रुपये तक पहुंच गई। हालांकि अप्रैल में दाम नहीं बढ़े और कीमत 8000 हजार पर आ गई है, लेकिन इसके दाम अब भी फरवरी के मुकाबले 23 फीसदी अधिक हैं।
इसी तरह सीमेंट की कीमत फरवरी में 330 रुपये प्रति बैग थी जो वर्तमान में 370 से 390 रुपये तक पहुंच गई हैं। विक्रेताओं का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से कीमतें स्थिर हैं लेकिन आगे क्या होगा, कहना मुश्किल है।
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बीच में ही रोकना पड़ा घर का निर्माण
सरिया सीमेंट विक्रेता मनीष खंडेलवाल के अनुसार एक व्यक्ति ने उनसे घर बनवाने के लिए कुछ सामान लिया था। बाद में उसका इरादा निर्माण कार्य और बढ़ाने का हुआ। उसने काम शुरू करा दिया। मार्च में एक दम सामान की कीमतें बढ़ गईं। उसको निर्माण कार्य बीच में ही रोकना पड़ा। करीब बीस दिन बाद पैसे का इंतजाम करके उसने सामान खरीदा और कार्य शुरू कराया। इस तरह से तमाम लोग ऐसे हैं, जिनको महंगाई के कारण निर्माण कार्य बीच में ही रोकना पड़ा।
फरवरी से अब तक बढ़ गईं घर बनाने वाली सामग्री की
वस्तु -फरवरी - वर्तमान कीमत
ईंट - 5000-5500 प्रति हजार - 7000-7500
सरिया - 6500प्रति क्विंटल -8000 प्रति क्विंटल
सीमेंट- 330 रुपये प्रति बैग 370 से 390 रुपये प्रति बैग
मोरिंग - 115 रुपये प्रति क्विंटल 120 से 125 रुपये प्रति क्विंटल
बजरी- 110 रुपये प्रति क्विंटल 120 रुपये प्रति क्विंटल
पेंट - 220 रुपये प्रति लीटर 240 से 250 रुपये प्रति लीटर
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बिजली और पेंट का सामान भी महंगा
घर बनाने में प्रयोग होने वाली सामग्री के साथ कुछ अन्य प्रयोग की वस्तुओं के दामों भी बढ़ोतरी हुई है। लाइट फिटिंग और वायरिंग का सामान फरवरी से अब तक 20 से 25 फीसदी तक महंगा हो गया। दूसरी तरफ घरों को रंगने के लिए उपयोग होने वाला पेंट भी 10 से 15 फीसदी तक महंगा हो गया।
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मांग पर भी पड़ा असर
ग्रामीण क्षेत्र में अधिकतर लोग गेहूं की फसल या गन्ने का भुगतान मिलने के बाद घरों का निर्माण कराते हैं। महंगाई के चलते इस बार बाजार में मांग में कमी आई है। विक्रेताओं का कहना है कि महंगाई के चलते लोग नया निर्माण कार्य कराने से बच रहे हैं। जो भवन निर्माणाधीन हैं, उन्हीं को पूरा करा रहे हैं। कोविड के कारण लोगों के हाथ पहले से ही खाली हैं इसलिए अब वह अपनी जेब पर अतिरिक्त बोझ डालने से बच रहे हैं।
सरिया और सीमेंट में फरवरी के बाद दामों में बढ़ोत्तरी हुई। सरिया फरवरी में 65 रुपये किलो थी जो अब अस्सी रुपये किलो हो गई। रूस-यूक्रेन की जंग का असर पड़ा है। वस्तुएं महंगी होने से निर्माण कार्य पर असर तो पड़ेगा ही। निर्माण लागत में बीस फीसदी से ज्यादा की बढ़ोत्तरी हो जाएगी।
- शिव कुमार, विक्रेता
रूस और यूक्रेन जंग का असर बाजार पर पड़ रहा है। हर सेक्टर की चीजें महंगी हुई हैं। मार्च में सरिया की कीमत 85 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई थी। अब फिर भी पांच सौ रुपये कम हुए हैं, लेकिन यह दाम फरवरी के मुकाबले अब भी 15 रुपये ज्यादा हैं।
- मनीष खंडेेलवाल, विक्रेता
मैं घर बनवा रहा हूं। अच्छा हुआ मैंने फरवरी में ही सरिया और सीमेंट के पैसे जमा कर दिए थे। अब अगर लेेता तो घर की लागत में बीस से तीस फीसदी तक की बढ़ोत्तरी हो जाती। एक महीने में ही निर्माण संबंधी वस्तुएं महंगी हुईं हैं। मैंने फरवरी में 63 रुपये प्रति किलो के हिसाब से सरिया ली थी। अब बता रहे कि अस्सी रुपये कीमत है।
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- एमएच शम्सी, दुकान पर सामान खरीदने पहुंचे एक ग्राहक
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