चूका बीच में आयोजित गोष्ठी में मौजूदगी पीटीआर और नेपाल के वनाधिकारी। स्रोत विभाग
- फोटो : कतर्नियाघाट में आंबा-बिछिया मार्ग पर दिखा हाथी।
पीलीभीत। पीटीआर के चूका बीच में सोमवार को भारत-नेपाल के बीच जैव विविधता संरक्षण को लेकर गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें नेपाल के बर्दिया नेशनल पार्क से आए 19 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य दोनों देशों के बीच संरक्षण से जुड़े अनुभवों और सफल मॉडलों का आदान-प्रदान कर सहयोग को और मजबूत बनाना रहा।
गोष्ठी में शामिल नेपाल के प्रतिनिधिमंडल ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व में संचालित संरक्षण कार्यों, प्रबंधन प्रणाली और सामुदायिक सहभागिता को विस्तार से समझा। प्रतिनिधिमंडल में बफर जोन मैनेजमेंट काउंसिल के चेयरमैन, उपभोक्ता समितियों के अध्यक्ष, पार्क रेंजर और लेखाधिकारी शामिल रहे। दल का नेतृत्व हेमंत आचार्य ने किया।
कार्यक्रम के दौरान विशेष रूप से मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के उपायों, मुआवजा योजना, बाघ मित्र कार्यक्रम और समुदाय आधारित ईको-टूरिज्म मॉडल पर चर्चा की गई। नेपाल के प्रतिनिधियों ने इन पहलुओं में गहरी रुचि दिखाई और कई सवाल भी पूछे। वहीं, नेपाल की ओर से भी अपने अनुभव साझा किए गए। इनमें हाथी मित्र कार्यक्रम और सामुदायिक वन प्रबंधन योजना प्रमुख रहे।
इस संवाद से दोनों देशों के बीच संरक्षण के क्षेत्र में आपसी समझ और सहयोग को नया आयाम मिला। कार्यक्रम का संचालन बराही रेंजर अरुण मोहन श्रीवास्तव और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी नरेश कुमार ने किया। इस दौरान बाघ मित्र समिति के अध्यक्ष अतुल सिंह ने बाघ मित्र कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी, जबकि ईको विकास समिति के अध्यक्ष देवव्रत और अजमत खान ने स्थानीय समुदायों की भागीदारी से जुड़े प्रयासों पर प्रकाश डाला। संवाद