मुंबई सीरियल बम ब्लास्ट के आरोपी याकूब मेनन को फांसी देने के बाद नेपाल सीमा पर एसएसबी और सिविल पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। शहर के रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने यात्रियों का सामान खंगाला। बस अड्डों व भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की पैनी निगाह रही। पुलिस ने संदिग्ध लोगों से पूछताछ की और उनका वेरिफिकेशन करने के बाद जाने दिया।
वर्ष 1993 में मुंबई सीरियल बम धमाकों के आरोपी याकूब मेनन को गुरुवार को फांसी पर लटकाने पर सुप्रीम कोर्ट की मोहर लग जाने के बाद नेपाल सीमा पर अराजक तत्वों को प्रवेश से रोकने के लिए एसएसबी ने भी चौकसी को और बढ़ा दिया है। जवानों ने आने-जाने वाले लोगों की सघन तलाशी ली। इस बारे में 26 वीं एसएसबी बटालियन मुख्यालय के कमांटेंड जेपी राना ने बताया कि बार्डर पर जवान पहले से ही सतर्क हैं, लेकिन याकूब मेनन को फांसी होने के बाद से सीमा पर स्थित कंबोजनगर, कमलापुरी, बसही नगरिया कट आदि बीओपी के जवानों को विशेष सतर्कता बरतने के आदेश दिए थे। जवानों ने बार्डर पर लोगों की सघन तलाशी ली और वाहनों की चेकिंग करने के बाद ही नेपाल आने-जाने दिया गया।
वहीं उत्तर प्रदेश के डीजीपी जगमोहन यादव ने प्रदेश में अलर्ट जारी कर विशेष सतर्कता बरतने के आदेश दिए थे। उन्होंने आशंका जताई थी कि सांप्रदायिक उन्माद फैलाने के उद्देश्य से किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना हो सकती है। उनके आदेश पर एसपी जेके शाही ने जिले में चेकिंग कर विशेष सतर्कता बरतने के आदेश दिए। इसी क्रम में शहर कोतवाल अतुल प्रधान ने फोर्स के साथ नकटादाना तिराहा, कमल्ले चौराहा और सुनगढ़ी पुलिस ने छतरी चौराहा, स्टेशन रोड सहित कई स्थानों पर संदिग्धों व उनके वाहनों की सघन तलाशी ली। संदिग्ध दिखने वाले बाहरी जिलों के लोगों का आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड आदि से वेरिफिकेशन कर जाने दिया गया। वहीं रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने अभियान चलाकर यात्रियों के थैला आदि खंगाले।