बरखेड़ा (पीलीभीत)। नोवल चीनी मिल बरखेड़ा में आयकर टीम की जांच 36 घंटे बीतने के बाद भी जारी है। अफसर जरूरी दस्तावेज खंगाल रहे हैं। मिल का गेट शुक्रवार को भी नहीं खुला। वहीं नकद भुगतान की आस में किसानों की भीड़ सुबह से ही मिल गेट के पास जमा हो गई। भुगतान के लिए लंबी कतार नजर आई। भुगतान न मिलने से किसान परेशान हुए।
बृहस्पतिवार सुबह करीब 8:30 बजे आयकर टीम ने कस्बे में पीलीभीत-बीसलपुर मार्ग पर स्थित नोवल चीनी मिल में छापा मारा था। टीम के अंदर पहुंचते ही मिल का गेट बंद कर दिया गया। आयकर टीम ने मिल के दस्तावेजों की जांच शुरू की, जो अब तक जारी है।
मिल में किसी को प्रवेश नहीं दिया गया और न कोई बाहर आया। उधर, मिल का कैश काउंटर बंद होने से गन्ना भुगतान लेने पहुंचे किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बृहस्पतिवार की देर रात तक इंतजार के बाद किसान वापस गए और शुक्रवार सुबह फिर मिल गेट पर पहुंच गए।
बताते हैं सुबह के समय कैश काउंटर करीब एक घंटे के लिए खुला और फिर बंद हो गया। पूरे दिन किसानों को भुगतान नहीं मिला।
महिला अफसर से किसानों ने किए सवाल
मिल गेट पर मौजूद किसानों ने बताया कि सुबह करीब 7:30 एक महिला आयकर अफसर की गाड़ी को मिल में जाते समय कुछ किसानों ने रोका और गन्ना भुगतान की समस्या बताई। अफसर ने जल्द भुगतान का आश्वासन दिया। बाद में कुछ देर के लिए मिल का कैश काउंटर भी खोला गया और फिर बंद हो गया।
कर्मचारियों के माेबाइल जब्त, खंगाले जा रहे अभिलेख
बताया जा रहा है कि टीम चीनी मिल के लेखा कार्यालय के अभिलेखों को खंगाल रही है। मिल के अंदर किसी को भी मोबाइल ले जाने की इजाजत नहीं है। मिल के अधिकारियों और कर्मचारियों के मोबाइल बृहस्पतिवार को ही जब्त कर लिए गए। कार्यालय के कंप्यूटर से भी जानकारी खंगाली जा रही है।
कस्बे का बाजार खुला, पूरे दिन होती रही चर्चा
आयकर टीम के छापे की चर्चा शुक्रवार को भी कस्बे से लेकर जिला मुख्यालय तक होती रही। स्थानीय अधिकारी कुछ भी बोलने से बचते रहे। हालांकि कस्बे के बाजार में छापे का असर नहीं दिखा। सभी प्रमुख प्रतिष्ठान खुलेे रहे। मिल गेट पर भी किसान चर्चा करते दिखे। कुछ में जल्द भुगतान की आपाधापी भी दिखी।
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लाइन में लगे, मायूस होकर घर लौट गए
नोवल चीनी मिल गन्ने की अधिकतर खरीद नकद करती है। किसान अपना गन्ना लेकर आते हैं और एक-दो दिन में भुगतान मिल जाता है। इस बार मिल ने खाते में धनराशि भेजने के नाम पर कई किसानों को सात से आठ दिन तक भुगतान नहीं किया है। शुक्रवार सुबह नकद भुगतान की आस में किसानों की लंबी कतार लगी। भुगतान न होने पर किसान मायूस होकर वापस हो गए।
किसानों का दर्द
पत्नी को कैंसर है। दवाई के लिए 22 नवंबर को नोवल चीनी मिले में गन्ना बेचा था। नगद भुगतान न देकर रुपया अगले दिन खाते में आने की बात कही थी। बैंक से पता चला कि भुगतान नहीं आया है। इस वजह से चीनी मिल आए हैं।
- कृष्णपाल, निवासी खरगापुर-बरखेड़ा
खेत में खाद और बोआई के लिए नकद गन्ना बेचा था। तीन दिन हो गए भुगतान अब तक नहीं मिला। कैश काउंटर भी नहीं खुला है। परेशानी हो रही है।
- जगीर सिंह, निवासी गिरंदापुर-पूरनपुर
नकद भुगतान के चक्कर में 21 नवंबर को गन्ना बेचा था। भुगतान अब तक नहीं हुआ है। कल भी काउंटर बंद रहा था। ऐसे में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
- अरविंद कुमार, निवासी धनगवां-बिलसंडा
घर में शादी में खर्चे के लिए नकद गन्ना बेचने आया था। भुगतान के लिए चार चक्कर लगा चुका हूं। अब तक भुगतान नही मिला है।
-कल्यान सिंह, माधोटांडा
नोवल चीनी मिल के बाहर गन्ना भुगतान लेने को खड़े किसान।संवाद
नोवल चीनी मिल के बाहर गन्ना भुगतान लेने को खड़े किसान।संवाद
नोवल चीनी मिल के बाहर गन्ना भुगतान लेने को खड़े किसान।संवाद
नोवल चीनी मिल के बाहर गन्ना भुगतान लेने को खड़े किसान।संवाद