बरखेड़ा (पीलीभीत)। कस्बे की नोवल चीनी मिल में बृहस्पतिवार को आयकर विभाग की टीम ने छापा मारा। चार गाड़ियों से पहुंची टीम सीधे मिल में दाखिल हुई और गेट बंद कर दस्तावेजों को खंगाला। टीम 12 घंटे से अधिक समय तक मिल के अंदर ही रही। मिल गेट बंद होने से गन्ने का भुगतान लेने पहुंचे किसान कई घंटों इधर से उधर भटकते रहे। छापे की सूचना पर कस्बे का अधिकतर बाजार बंद रहा।
बरखेड़ा कस्बे में पीलीभीत-बीसलपुर मार्ग पर नोवल चीनी मिल है। चीनी मिल का पंजीकरण कानपुर और मालिक अनुपम अग्रवाल बताए जाते हैं। इस मिल में गन्ने की अधिकतर खरीद नकद की जाती है। इस वजह से किसानों की भीड़ भी अधिक रहती है।
बृहस्पतिवार की सुबह करीब 8:30 बजे चार गाड़ियों से आयकर विभाग के अधिकारी चीनी मिल पहुंचे। अंदर पहुंचते ही मिल का गेट बंद कर दिया गया और जांच शुरू की गई। सुबह से लेकर रात आठ बजे के बाद तक जांच चलती रही। मिल का गेट बंद रहा। अंदर से कोई बाहर नहीं आया और न ही किसी को अंदर जाने दिया गया।
जिले के जीएसटी अधिकारी भी बाहर से कयास ही लगाते रहे। टीम कहां से आई है, कौन टीम है और कौन अधिकारी टीम को लीड कर रहा है। इसकी जानकारी किसी के पास नहीं थी। थाना पुलिस भी इससे अनजान रही।
बाहर इंतजार करते रहे किसान
आयकर टीम के पहुंचते ही कस्बे में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। अधिकतर व्यापारियों ने अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। बाजार की अधिकतर दुकानें भी बंद हो गईं। उधर, चीनी मिल में गन्ना बेचने के बाद नकद भुगतान लेने के लिए पहुंचे किसान मिल गेट पर खड़े होकर इंतजार करते रहे। गेट और कैश काउंटर बंद होने से किसानों का मायूस होना पड़ा।
एक साथ कई फर्मों पर छापा पड़ने की चर्चा
जीएसटी अधिकारियों के मुताबिक नोवल चीनी मिल कानपुर में पंजीकृत है। इसका एक कार्यालय दिल्ली में भी बताया जा रहा है। अनुपम कुमार और अन्य लोगों के नाम कानपुर में भी कई फर्में हैं। चर्चा है कि एक साथ इनकी कई फर्मों पर आयकर टीम ने छापा मारा है। हालांकि जिले के राज्यकर विभाग के अधिकारी इस बारे में कुछ भी बोलने से बचते रहे। थाना पुलिस ने भी जानकारी न होने से इन्कार किया। इंचार्ज थाना प्रभारी अजीत कुमार ने बताया कि थाने से कोई पुलिस बल नहीं मांगा गया है।