पीलीभीत की मंडी समिति में धान खरीद केंद्र पर बोरे के पास लपेटकर रखा गया जानकारी देने वाला बैनर।
पीलीभीत। जिले के धान खरीद लक्ष्य पर क्रय केंद्र प्रभारियों की मनमानी भारी पड़ रही है। कहीं केंद्र बंद तो कहीं केंद्र प्रभारी ही नदारद रहते हैं। इसकी पुष्टि डिप्टी आरएमओ की जांच में भी हुई है। बृहस्पतिवार की दोपहर शहर के मंडी समिति परिसर में संचालित कई एजेंसियों के धान खरीद केंद्रों पर केंद्र प्रभारी मौजूद नहीं थे। केंद्र प्रभारियों की ओर से निजी तौर पर रखे गए कर्मी अभिलेखों को दुरुस्त करते दिखे।
दोपहर एक बजे मंडी समिति परिसर में खाद्य विभाग के खरीद केंद्र-पांच पर केंद्र प्रभारी नहीं थे। दो किसान जानकारी लेने केंद्र पर पहुंचे थे। पूछने पर बताया गया कि किसी अधिकारी के आने पर केंद्र प्रभारी गए हैं। यहां एक निजी कर्मचारी महत्चपूर्ण अभिलेखों में लिखा पढ़ी कर रहा था। पूछने पर बताया कि उसे तो ऐसी ही सूचनाएं भरने के लिए कहा गया है। वहीं एक और क्रय केंद्र पर भी केंद्र प्रभारी मौजूद नहीं थे। यूपी कोऑपरेटिव समिति के खरीद केंद्र पर भी केंद्र प्रभारी की कुर्सी खाली थी।
लपेट कर बोरे पर रख दिया केंद्र के नाम का बैनर
मंडी परिसर केे एक खरीद केंद्र पर केंद्र और एजेंसी के नाम वाला बैनर लपेटकर बोरे पर रखा दिखा। सामने टंगे बैनर पर केंद्र का नाम नहीं लिखा था। धान किस तरह का लाएं और अन्य जानकारियां थीं। अधिकांश केंद्रों पर मौजूद लोगों ने अधिकारी के आने पर केंद्र प्रभारी के जाने की बात कही।
बंद मिला पीसीयू का केंद्र नंबर नौ
डिप्टी आरएमओ विजय शुक्ला ने बताया कि उन्होंने दोपहर में पीलीभीत मंडी के कुछ केंद्रों की जांच की। पीसीयू का खरीद केंद्र संख्या-नौ बंद मिला। केंद्र प्रभारी पर कार्रवाई की संस्तुति की गई है। बताया कि खरीद केंद्रों पर निजी कर्मियों के काम करने की जानकारी मिली है। इसकी भी जांच की जा रही है।
पीलीभीत की मंडी समिति में धान खरीद केंद्र पर बोरे के पास लपेटकर रखा गया जानकारी देने वाला बैनर।