बीसलपुर। कोतवाली पुलिस ने परसिया कांड में शुक्रवार को दूसरे दिन मृतक सुनील के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। शुक्रवार को देर शाम शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अब असली संकट सुनील और रजनी के बच्चों की परवरिश का है। फिलहाल बूढ़ी नानी रामप्यारी तीनों बच्चों कामिनी (05), श्रुति (03) व अंश (02 वर्ष) को अपने साथ ले गई है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव परसिया निवासी रिक्शा चालक सुनील कुमार ने घरेलू कलह से परेशान होकर बृहस्पतिवार को देर शाम अपने कमरे में पहले लोहे की रॉड से अपनी पत्नी रजनी की हत्या कर दी और उसके बाद फांसी के फंदे पर झूलकर आत्महत्या कर ली। रजनी की मां रामप्यारी शुक्रवार को सुबह रजनी के तीनों बच्चों को लेकर बरेली के थाना फरीदपुर क्षेत्र के गांव डलपुरा चली गई है। वह घर में ताला डाल गई है। शुक्रवार को उनके काफी रिश्तेदार हमदर्दी जताने आए लेकिन घर पर ताला लगा देखकर लौट गए। रामप्यारी ने बृहस्पतिवार को ही देर रात कोतवाली में अपने मृत दामाद के विरुद्ध हत्या की नामजद तहरीर दे दी थी। कोतवाल नरेश त्यागी ने बताया कि मृतक सुनील के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। कोतवाल ने बताया कि सुनील की चूंकि मौत को चुकी है, इसलिए विवेचना के दौरान रिपोर्ट निरस्त कर दी जाएगी।
काश : सुनील ग्रामीणों का सुझाव मान लेता
गांव परसिया निवासी सुनील और उसकी पत्नी रजनी में आए दिन झगड़ा होता रहता था। जिसकी गांव के सभी लोगों को जानकारी है। झगड़ा थमते न देख कई ग्रामीणों ने सुनील को रजनी से तलाक लेने का सुझाव दिया था, लेकिन सुनील ने अपने बच्चों की खातिर रजनी से तलाक नहीं लिया। ग्रामीणों का मानना है कि यदि सुनील रजनी से तलाक ले लेता तो शायद यह घटना नहीं होती।
रजनी से मिलने आया था गांव का एक युवक
गांव परसिया निवासी सुनील के घर बृहस्पतिवार शाम चार बजे गांव का ही एक युवक आया था। वह युवक रजनी से काफी देर तक बातचीत करने के बाद चला गया। उस समय सुनील घर पर ही था। सुनील को यह बात काफी नागवार लगी। युवक के जाते ही पति-पत्नी में तकरार होने लगी थी। वह तकरार देरशाम तब खत्म हुई, जब दोनों के प्राण पखेरू हो गए। युवक के घर आने की पुष्टि उनके बच्चों ने भी करते हुए पुलिस को बयान दिया है। पुलिस ने उक्त युवक की तलाश की लेकिन वह नहीं मिला।
रजनी स्वयं सहायता समूह की थी अध्यक्ष
रजनी गांव में ही चल रहे एकता स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष थी। ग्रामीण बताते हैं कि रजनी की अध्यक्षता में स्वयं सहायता समूह काफी अच्छे ढंग से चल रहा था। रजनी इंटरमीडिएट पास है। बरेली के गांव डलपुरा स्थित रजनी की ननिहाल में रजनी के नाना लालाराम, नानी दुलारो देेवी की काफी समय पहले मौत हो चुकी थी। ननिहाल में उसके मामा प्रेमपाल और महेंद्र पाल हैं।
सुनील अपने भाइयों में था सबसे छोटा
परसिया के प्रधान प्रेमशंकर राठौर ने बताया कि मृतक सुनील मूल रूप से बरेली के कस्बा फरीदपुर के मोहल्ला कानून गोयान का निवासी है। ससुराल में ससुर और साले न होने के कारण वह अपनी सास और पत्नी के अनुरोध पर पिछले कई बर्षो से ससुराल में ही रहने लगा था। सुनील के परिवार में पिता रामचंद्र, भाई वीरपाल, रामवीर, महेश, नरेश, मां मानकुमारी, बहनें राजेश्वरी देवी और संगीता देवी हैं। सुनील कक्षा आठ पास है। वह अपने भाई बहनों में सबसे छोटा है।
ग्रामीणों को अभी नहीं हो रहा है सुनील के हत्यारोपी होने का विश्वास
गांव परसिया के लोगों को अभी इस बात का विश्वास नहीं हो रहा कि रजनी की हत्या उसके पति सुनील ने की है। ग्रामीणों का कहना है कि सुनील निहायत सज्जन था। आज तक उसकी किसी से लड़ाई नहीं हुई। सुनील रिक्शा पर बैठने वाले लोगों से भी कभी किराये के लिए नहीं लड़ा। रिक्शा पर बैठने वाले लोग सुनील को किराये के नाम पर जितने पैसे दे देते थे, सुनील रख लेता था। यदि कोई रात में सुनील के पास रिक्शा की सेवा लेने को पहुंच जाता था, तो सुनील रात में ही बिना किराया तय किए चल देता था।