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Pilibhit News: पट्टेदारों की जमीन खरीदने की आड़ में बढ़ रहे अवैध कब्जे

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कलीनगर। तहसील क्षेत्र में शारदा नदी के पार संयुक्त सीमांकन न होने से भूमिधर पट्टेदारों की जमीनों को खरीदने की आड़ में अवैध कब्जे बढ़ गए हैं। बंजर जमीन को जोतकर कृषि योग्य बनाकर फसलें उगाई जा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय सीमा पिलर संख्या 27 और 28 के बीच जमीन को अपना बताकर नेपाल की ओर से भी हस्तक्षेप बढ़ा है।
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शारदा नदी के पार अंतरराष्ट्रीय सीमा पिलर संख्या 27 से लेकर 28 तक कई गांवों की जमीन पड़ती है। इससे सटे इलाकों में नेपाल की शुक्लाफांटा सेंचुरी का क्षेत्र आता है। इस दायरे में रमनगरा, गुन्हान गांव के कई ग्रामीणों के नाम छोटे-छोटे पट्टे किए गए थे। इन्हें राजस्व विभाग ने भूमिधर भी घोषित कर दिया था।
इसके बाद अतिक्रमणकारियों का खेल शुरू हुआ। टाइगर रिजर्व की जमीन पर कब्जा करने के उद्देश्य से इन पट्टेदारों की औने-पौने दामों पर जमीनें खरीदी जाने लगीं। बंजर जमीन को जोतकर गन्ने और गेहूं की फसल पैदा की जाने लगी। संयुक्त सीमांकन न होने से यह सिलसिला लंबे समय से चलता आ रहा है। अतिक्रमणकारी करीब 50 एकड़ तक जमीन जोत रहे हैं।
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पूर्व में विभाग की ओर से कुछ कब्जेदारों को नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन सीमांकन का हवाला देकर कब्जेदार काबिज रहे। इधर वर्ष 2020 में नेपाल ने सर्वे के बाद कुछ दायरे में अपनी जमीन बताकर दो सब पिलर लगाए। करीब चार से पांच सौ एकड़ जमीन फंस रही है। इस दायरे में खेती कर रहे लोगों को नेपाल की ओर से मना भी किया जाने लगा।
दो दिन पूर्व जमीन जोत रहे दो लोगों को नेपाल की सेना और शुक्लाफांटा सेंचुरी की टीम पकड़कर भी ले गई। परिजनों के नेपाल जाने पर वहां की सेना ने दोनों को बिना जमानत कराए छोड़ने से मना कर दिया। ऐसे में संयुक्त सीमांकन न होने से शारदा पार सीमावर्ती क्षेत्र में कब्जों का विवाद बढ़ रहा है। एसडीएम देवेंद्र सिंह ने बताया कि शारदा पार जमीनों को लेकर जानकारी कराई जा रही है।


परिजनों ने अफसरों ने लगाई मदद की गुहार
नेपाल सेना के दो भारतीयों को पकड़कर ले जाने के मामले में उनके परिजनों ने एसपी और एसडीएम कलीनगर के नाम पत्र भेजकर मदद की गुहार लगाई है। पत्र में कहा गया कि दोनों शारदा पार खेत पर काम कर रहे थे। इस दौरान नेपाल सेना के जवान वहां आए और पिलर संख्या 27 तक जाने की बात कहकर ले गए। इसके बाद नेपाल की माझगांव चौकी पर ले जाकर बंद कर दिया। परिजन जब वहां पहुंचे तो उन्हें बिना जमानत कराए न छोड़ने की बात कही और लौटा दिया। दोनों के परिजनों ने मामले में जरूरी कदम उठाने की मांग की है।
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