पीलीभीत। सूख रही कटना और देवहा नदी को नवजीवन देने के लिए बजट का इंतजार है। चुनाव से पहले भाजपा सरकार ने इन नदियों के पुनरुद्धार के लिए आदेश जारी किया था। प्रशासन का कहना है कि जल्द बजट मिल सकता है।
पिछले साल दिसंबर में ग्राम विकास आयुक्त वीरेंद्र कुमार सिंह की ओर से जारी आदेश में प्रदेश में विलुप्त होती 50 नदियों के पुनरुद्धार की योजना के संबंध में आदेश जारी हुए थे। इसमें पीलीभीत से शाहजहांपुर और हरदोई तक 195.9 किलोमीटर तक देहवा नदी और पीलीभीत से शाहजहांपुर तक 35.8567 किलोमीटर तक कटना नदी पर कार्य होना है। कटना नदी बीसलपुर, बिलसंडा से होकर गुजरती है। इनमें मनरेगा के तहत कार्य कराए जाएंगे। इनका प्रवाह बढ़ाया जाएगा। नदियों के दोनों तरफ पक्के निर्माण हटाए जाएंगे। आदेश जारी हुए करीब तीन महीने बीत चुके हैं। बजट न आने के कारण दोनों नदियों पर कार्य शुरू नहीं हो सका। चुनाव के बाद सरकार का गठन हो चुका है। इसलिए उम्मीद ज्यादा बढ़ गई हैं।
प्रदूषण और अवैध खनन रोकना सबसे बड़ी चुनौती
बीसलपुर क्षेत्र में कटना नदी से सबसे ज्यादा अवैध खनन होता है। इसके अलावा प्रदूषण एक बड़ी समस्या है। देहवा नदी की बात करें तो शहर की गंदगी नालों से होकर इस नदी में पहुंचती है। कई जगहों पर तो इन नदियों का वजूद ही खतरे में आ गया है। दोनों नदियों का आंचल सिकुड़ता जा रहा है। उम्मीद है कि अब इन नदियों को फिर से एक नया जीवन मिल सकेगा।
जिले की दो नदियाें देहवा और कटना नदी का पुनरुद्धार किया जाएगा। शासन ने दोनों नदियों को पुनरुद्धार योजना में शामिल किया है। अभी बजट जारी नहीं हुआ है। बजट जारी होते ही कार्य शुरू करा दिए जाएंगे। जहां अवैध खनन हो रहा है वहां टीमें भेजकर दिखवाएंगे। जहां अतिक्रमण हुआ उसे भी हटाया जाएगा। - पुलकित खरे, डीएम