बरखेड़ा। मानसून से पहले अगर पुलिया का निर्माण पूरा नहीं हुआ तो अनेक गांवों का संपर्क बरसात में कट जाएगा। गजरौला-बरखेड़ा मार्ग पर ग्राम प्रताप डांडी के पास बन रही नई पुलिया के निर्माण में सुस्ती है। लोक निर्माण विभाग और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर ग्रामीणों में रोष है। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व बाढ़ की चपेट में आने से यह पुलिया पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर बह गई थी, जिसके बाद से इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप है।
तीन महीने पहले विधायक स्वामी प्रवक्तानंद ने 80 लाख रुपये की लागत से बनने वाली इस नई पुलिया का शिलान्यास किया था। इस मार्ग पर मार्च-अप्रैल के दौरान लोक निर्माण विभाग की ओर से भारी वाहनों का आवागमन बंद करा दिया गया था। ऐसे में पुलिया के पार गांवों का सामान अन्य रास्तों से होकर पहुंचाया जाता रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिया का निर्माण कार्य अक्सर कई-कई दिनों तक बंद रहता है। यदि ठेकेदार इसी सुस्त रफ्तार से काम करता रहा, तो बरसात के मौसम में मुश्किलें बढ़ेंगी। ठेकेदार की ओर से बनाया गया अस्थायी वैकल्पिक रास्ता पहली ही बारिश में ढह जाएगा। संवाद
मानूसन से पहले हर हाल में कराया जाए निर्माण
प्रशासन को जनता की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए ठेकेदार पर सख्ती करनी चाहिए। मानसून शुरू होने से पहले हर हाल में निर्माण कार्य पूरा होना जरूरी है।
- अफरोज अंसारी, ग्राम अमखेड़ा
जिस धीमी गति से अभी काम चल रहा है, उसे देखकर नहीं लगता कि बरसात से पहले पुलिया तैयार हो पाएगी। ऐसे में बरखेड़ा जाने के लिए 7 से 8 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा।
-आमोद शर्मा, दौलतपुर पट्टी
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बरसात के दिनों में वैकल्पिक रास्ता बंद होना तय है। ठेकेदार को समय की गंभीरता को समझना चाहिए। दिन-रात काम लगाकर इसे समय से पहले पूरा करना चाहिए।
-इंद्रपाल, ग्राम मसीत
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बीच-बीच में मौसम खराब होने और बेमौसम बरसात के कारण निर्माण कार्य की गति में थोड़ी रुकावट आई है। विभाग पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। बरसात का सीजन शुरू होने से पहले पुलिया का निर्माण कार्य हर हाल में पूर्ण करा लिया जाएगा।
-एसके जैन, अधिशासी अभियंता, लोनिवि
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