बंदरों के उत्पात से बचने के लिया लोहे की जाली से घर को सुरक्षित किया
मझोला। कस्बे में बंदरों की दहशत है। व्यापारी, महिलाएं, बच्चे सभी परेशान हैं। बंदरों के हमले के डर से कई परिवारों ने अपने घरों को चारों ओर से लोहे की जाल लगवाकर सुरक्षित कर लिया है, ताकि बंदर घरों के अंदर न आ सके। तमाम लोगों के घरों की छतों व बाजार में दुकानों के आसपास बंदरों के झुंड मंडराते हैं। इससे लोगों में काफी डर बना है।
नगरवासियों का कहना है कि बंदर आए दिन घरों में घुसकर सामान को नुकसान पहुंचाते हैं। महिलाएं जब बाजार से घरेलू सामान लेकर घर लौटती हैं तो कई बार बंदर अचानक हमला कर सामान छीन लेते हैं। रोकने का प्रयास करने पर बंदर हमलावर हो जाते हैं। गलियों में खेल रहे छोटे बच्चों पर भी बंदरों के हमले की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं। बंदरों के आतंक के चलते कई परिवार अपने घरों में कैद रहते हैं। घरों में लोहे के जाल लगवाने के बाद भी लोग हर समय सतर्क रहना पड़ता है। बंदरों की आपसी लड़ाई भी दुकानदारों को नुकसान पहुंचा चुकी है।
फरवरी 2024 में टनकपुर हाईवे स्थित एक क्लास हाउस संचालक का पुत्र कपड़ों की दुकान पर बैठे थे। इसी दौरान बंदरों का झुंड आपस में लड़ते हुए अचानक दुकान के अंदर घुस आया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। दुकान में मौजूद युवक बचने के प्रयास में भागा और छत से गिरकर घायल हो गया। छत पर सूखने के लिए डाले जाने वाले कपड़ों को बंदर उठा ले जाते है या फिर कपड़ों को फाड़ देते हैं।
नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि कई बार उच्चाधिकारियों से बंदरों को पकड़वाकर जंगल में छोड़ने की मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है। व्यापार मंडल ने भी जिलाधिकारी के समक्ष इस मुद्दे को उठाया है। इधर, नगर पंचायत अध्यक्ष निशांत प्रताप सिंह का कहना है कि बंदरों की समस्या का निराकरण कराने के लिए वन विभाग से सहयोग मांगा जाएगा। संवाद
बंदरों के उत्पात से बचने के लिया लोहे की जाली से घर को सुरक्षित किया
बंदरों के उत्पात से बचने के लिया लोहे की जाली से घर को सुरक्षित किया