पीलीभीत। जिला खनन अधिकारी से गाली-गलौज और अभिलेख फाड़ने के मामले में डीएम का रुख सख्त है। सभी एसडीएम को पत्र जारी कर खनन पर प्रभावी कार्रवाई करने का आदेश दिया। साथ ही यह भी कहा कि अगर कहीं खनन होता है तो इसकी जिम्मेदारी थानाध्यक्ष और संबंधित उपजिलाधिकारी की होगी।
जिला खनन अधिकारी सुभाष सिंह ने अवैध खनन की सूचना मिलने पर 15 दिसंबर को सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के गांव भिलईखेड़ा में टीम के साथ छापेमारी की थी। वहां उन्होंनेे मिट्टी भरी दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और एक जेसीबी मशीन को पकड़ा था। आठ से 10 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और एक अन्य जेसीबी को चालक लेकर भाग गए थे।
पकड़ी गई ट्रैक्टर-ट्राॅली को थाना सुनगढ़ी लेकर आते समय रास्ते में चार पहिया वाहन में सवार होकर दो युवक पहुंचे और आगे गाड़ी लगाकर सरकारी वाहन को रोक लिया। खनन अधिकारी ने आरोप लगाया कि ग्राम बिहारीपुर निवासी अरविंद गंगवार ने अपने एक साथी के साथ उनसे गाली-गलौज की और धमकी दी। सुपुर्दगीनामा छीनकर फाड़ दिया। पुलिस ने खनन अधिकारी की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों ही तलाश शुरू कर दी। उधर, डीएम ज्ञानेंंद्र सिंह ने मामले का संज्ञान लेकर सभी एसडीएम और क्षेत्राधिकारी को पत्र जारी किया है। कहा कि जिले में रात के समय खनन की शिकायतें मिल रही हैं।
इससे प्रतीत होता है कि खनन रोकने के लिए आप के स्तर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। अगर भविष्य में खनन की शिकायत मिली तो संबंधित एसडीएम व थानेदार की जिम्मेदारी तय की जाएगी। संवाद