पीलीभीत। जंगल सफारी के दौरान वाहनों को लगाकर बाघ को घेरने के मामले में कार्रवाई की गई है। रेंज स्तर पर हुई कार्रवाई में तीन वाहनों के चालक और गाइडों के खिलाफ विभागीय केस काटा गया है, जबकि वाहनों को भी पर्यटन से बाहर किया गया है। मामले में विभागीय जांच भी कराई गई है। जांच अधिकारी एसडीओ माला ने सोमवार को रिपोर्ट डीएफओ को सौंपी है। इसमें भी कार्रवाई तय मानी जा रही है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व का एक नवंबर से शुरू हुआ पर्यटन सत्र सैलानियों के लिए खास बना हुआ है। जंगल की खूबसूरती और बाघों की निराली दुनिया देखने के लिए देशभर से सैलानियों की आमद हो रही है। पीटीआर प्रशासन की ओर से सैलानियों की सुविधा के साथ वन्यजीवों की सुरक्षा पर भी जोर दिया जाता है, लेकिन एक सप्ताह पूर्व वायरल हुए वीडियो में एनटीसीए की गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाती दिखाई दी।
बराही रेंज के अंतर्गत सफारी के दौरान सायफन पुल पर बाघ की मौजूदगी के बाद सफारी वाहन से उसके रास्ते को रोका गया। दोनों ओर वाहन खड़े देख बाघ असहज हुआ। इसके बाद एक हिस्से पर खड़े वाहनोंं को हटाने के बाद ही बाघ वहां से हट सका था। वीडियो वायरल होने के बाद अफसर गंभीर हुए। बड़ी लापरवाही उजागर होने पर डीएफओ मनीष सिंह ने एसडीओ माला को जांच सौंपी थी। मंडलायुक्त ने भी मामले का संज्ञान लेकर डीएम को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। मामले में सोमवार को एसडीओ ने जांच पूरी करने के बाद रिपोर्ट डीएफओ साैंपी है। अब अफसर अध्ययन कर कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं।
इधर, मामले में बराही रेंज प्रशासन की ओर से कार्रवाई की गई है। सफारी के तीन वाहनों के चालक और गाइडों के खिलाफ विभागीय केस काटा गया है। वाहनों को भी पर्यटन से बाहर कर रेंज पर खड़ा कराया गया है। इस मामले में रजनीश, रिजवान खान, अजमत, राजीव कुमार, साधुन राय, नफीस शाह आदि के नाम केस काटा गया है। रेंजर अरुण मोहन श्रीवास्तव का कहना है कि मामले में संबंधित वाहन के चालक और गाइडों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है। वाहनों को रेंज पर खड़ा कराया गया है। मामले में विभागीय स्तर से भी जांच की जा रही है।