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मूलभूत सुविधाओं की आस में बूढ़ी हो चली आंखे

Thu, 29 Oct 2015 11:54 PM IST
Purnpur
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पंचायत चुनाव के चौथे चरण में बुजुर्ग मतदाताओं में ने लोकतंत्र में अपनी पूरी आस्था जताई। चलने फिरने में असमर्थ होने के बावजूद परिवारीजनों के वोट डालने पहुंचे। चंदिया हजारा निवासी 70 वर्षीया गनेशीदेवी अपने बेटे के साथ मतदान केंद्र पहुंची। बीमार होने के बाद वोट देने पहुंची गनेशी के पुत्र रामअवध कहते हैं कि माता लंबे समय से बीमार चल रही है लेकिन वोट देने के लिए काफी दिन से इंतजार कर रही थी। ट्रांस शारदा क्षेत्र के श्रीनगर मतदान केंद्र पर 76 वर्षीय माधवराम भी अपने भतीजों की गोद में बैठकर पहुंचे। पूछने पर उन्होंने लड़खड़ाती जुबान से बताया कि वोट देना बहुत जरूरी है। ऐसा सभी को करना चाहिए
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जानते हैं, जीतने वाला मुड़कर नहीं देखेगा। लेकिन क्या करें।
- संतोष सिंह
दशकों से बाढ़, कटान जैसी दैवीय आपदाओं का कहर झेल रहा हूं। सालों से देख रहा हूं। जीत के जश्न के बाद गांव में काम और विकास की बात ही नहीं होती, बाकी सब कुछ होता है। सरकार ने हम हजारों लोगों को यहां मरने के लिए ही छोड़ रखा है।
- हरनाम सिंह, 76 वर्ष राघवपुरी
हर बार वोट देता हूं। इस उम्मीद पर हर बार वोट देता हूं कि बाढ़ विभीषिका से कोई राहत मिलेगी, आवास व अन्य मूलभूत सुविधाओं के बारे में कोई सोचेगा। पर निराशा ही मिलती है।
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गुरनाम सिंह 70 वर्ष राघवपुरी

कई मतदाता दिखे मायुस
पंचायत चुनाव के चौथे चरण में कई मतदान केंद्रों पर वोटर लिस्ट में मतदाताओं के नाम गायब मिले। जिससे वो निराश होकर बिना वोट डाले ही घरों को लौट गए। ट्रांस शारदा क्षेत्र के इंडो नेपाल बार्डर के समीप स्थित कई गांवों में यह स्थिति देखी गई। कंबोजनगर के सतनाम सिंह ने बताया कि जो लिस्ट यहां दिखाई गई थी, उसमें परिवार वालों के नाम थे, लेकिन वोट डालने जब पहुंचे तो पोलिंग आफिसर ने लिस्ट में नाम न होने पर बाहर जाने को कह दिया।

विकास देने वाले को ही वोट
पूरनपुर। पंचायत चुनाव के चौथे चरण में युवा मतदाताओं में खासा उत्साह देखा गया, लेकिन ट्रांस शारदा क्षेत्र में अधिकांश बूथों से युवा वोटर नदारद दिखे। बताते हैं कि इस क्षेत्र के अधिकांश युवा घर जमीन कटने से अन्य शहरों में जाकर नौकरी करने लगे हैं, इसीलिए यहां युवाओं की संख्या कम ही दिख रही है।
कस्बा शेरपुर कलां निवासी आयशा बी ने पंचायत चुनाव में पहली बार हिस्सा हिस्सा लिया। कहती है कि वोट देने के बारे में लंबे समय से सोचती आ रही हूं, कि आखिर लोग मतदान क्यों करते हैं। आज पहली बार इसका महत्व पता चला। मैंने ऐसे प्रत्याशी को वोट किया है जो विकास को तवज्जो दे। नेहरूनगर मतदान केंद्र पर वोट देने पहुंचे विनोद कहते हैं कि नेताओं पर भरोसा नहीं रहा लेकिन लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदान करना बेहद जरूरी है। आजाद नगर के मधुवन कहते हैं कि वोट हर किसी को देना चाहिए, लेकिन वोट देने से पहले प्रत्याशी की जांच पड़ताल बेहद जरुरी हो गई है। वोट उसे किया जो क्षेत्र की समस्याओं को नजरदांज न करें।
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