पीलीभीत। जिला अस्पताल की पैथॉलाजी की सेवाएं बदहाल हैं। खून या अन्य सामान्य जांचों की रिपोर्ट के लिए मरीजों को दो दिन चक्कर काटने पड़ते हैं। किसी भी जांच की रिपोर्ट मरीज को उसी दिन नहीं दी जा रही। वहीं लू से बचाव और इलाज की बेहतर तैयारियों का दावा करने वाला अस्पताल प्रशासन एक सप्ताह बाद भी इमरजेंसी वार्ड के पंखे सही नहीं करा सका है।
चिलचिलाती गर्मी लोगों को बीमार कर रही है। जिला अस्पताल में बुखार, जुकाम, पेट संबंधी दिक्कतों के अलावा आंख और त्वचा संबंधी मरीजों की भीड़ जुट रही है। अधिकांश मरीजों को चिकित्सक खून और अन्य जांचें लिख रहे हैं।
जिला अस्पताल की पैथालॉजी में मरीज का सैंपल तो ले लिया जा रहा, लेकिन रिपोर्ट के लिए चक्कर काटने पड़ रहे हैं। दूर गांवों से आए किसी भी तरह की समस्या के मरीज को 24 घंटे के बाद ही जांच रिपोर्ट मिल पा रही है। उसी दिन जांच न मिलने की वजह से मरीज का समय से इलाज नहीं शुरू हो पाता। सामान्य बुखार के मरीज को भी इलाज के नाम पर दो से दिन अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ रही है।
एक सप्ताह में भी वार्ड के पंखे सही नहीं करा सके जिम्मेदार ः अस्पताल प्रशासन लू के मरीज के बेहतर इलाज का दावा कर रहा है। वार्ड आरक्षित करने की बात भी कही है। मगर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के पंखे एक सप्ताह से खराब पड़े हैं। वार्ड में भर्ती मरीजों का गर्मी से बुरा हाल है। मरीज जैसे-तैसे इलाज करा रहे हैं। समस्या की जानकारी होने के बाद भी जिला अस्पताल के जिम्मेदार बेखबर हैं। सीएमएस डॉ. रमाकांत सागर ने बताया कि गर्मी को लेकर अस्पताल की व्यवस्थाओं में लगातार सुधार किया जा रहा है। जो पंखे खराब हैं, उनकी जल्द मरम्मत कराई जाएगी।
पैथालॉजी लैब में स्टॉफ की कमी की वजह से रिपोर्ट उसी दिन मिलने में समस्या आ रही है। इस समस्या का भी जल्द ही समाधान कराया जाएगा।
राधा देवी
राधा देवी
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