वर्ष 2014-15 में बमरोली में 23 लोगों के नाम आवास आवंटित हुए। इसमें से अधिकांश को आवास की पहली किश्त भी मिल चुकी है। कुछ लोगों ने आवास का निर्माण कराना शुरू कर दिया है। वहीं रामनाथ और सुनीतादेवी ने डीएम को भेजे पत्र में कहा है कि गांव स्थित पीएसबी बैंक खाते में आई पहली किश्त की धनराशि गांव के कुछ लोगों ने आहरण कराकर हड़प ली है। इससे उनके आवास बनने की शुरूआत नहीं हो पाई है। यही नहीं आरोपियों ने लाभार्थी सुनीतादेवी को पड़ोस की गेंदादेवी के आवास के बाहर खड़ा करा कर फोटो खिंचवा लिया और उसे ब्लाक में जमा करा दिया।
दूसरी लाभार्थी रामनाथ की भाभी रामश्री ने बताया कि पांच माह पूर्व जिस समय बैंक खाते में आवास की धनराशि पहुंची थी उसी वक्त गांव का एक व्यक्ति उसके देवर को साथ ले गया और सारी धनराशि निकाल ली। आरोप है कि उसने सारा पैसा यह कहकर ले ली कि आवास निर्माण सामान वह खुद भिजवा देगा। बताते हैं कि अब तक महज एक डनलप रेत ही उसके घर पहुंची है।
इस कारण दोनों लाभार्थियों के आवास बनने की अभी तक शुरूआत नहीं हो पाई। खास बात यह है कि आवास निर्माण की निगरानी रखने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत अधिकारी की होती है और वह लिंटर लेविल तक दीवारें पहुंचने के बाद दूसरी किश्त रिलीज कराने की संस्तुति करता है, लेकिन यहां पर उसके द्वारा इस जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किया गया।
गांव में 23 आवास स्वीकृत हुए थे। अधिकांश बन चुके हैं। रामनाथ और सुनीता देवी के आवास गांव के कुछ लोगों द्वारा पहली किश्त की धनराशि हड़प लिए जाने की वजह से अभी तक नहीं बन पाए है। आवास न बनने की सूचना ब्लाक कार्यालय को दे दी गई है।
- शिवसरन वर्मा, प्रधान बमरोली
आवास लाभार्थी से अगर किसी व्यक्ति ने धनराशि हड़प ली है तो उसकी शिकायत उसी समय करनी चाहिए थी, लेकिन उसने अब तक मुंह बंद रखा। जिससे यह स्पष्ट है कि वह आवास बनवाना नहीं चाहता है। लिहाजा पहली किश्त की धनराशि की रिकवरी कराने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- डा. विवेकानंद बीडीओ बिलसंडा