पीलीभीत। रविवार को बाजार पर होली का रंग चढ़ा नजर आया। रंग व पिचकारी के साथ-साथ कपड़ों की दुकानों पर जबरदस्त भीड़ देखी गई। महिलाओं ने कचरी, पापड़ व मावा खरीदा। कई घरों में होली के लिए गुझिया बनना शुरू हो गईं।
रविवार का अवकाश होने के कारण काफी संख्या में लोग बाजार में पहुंचे और जमकर खरीदारी की। इन सब के बीच नमकीन की भी जमकर खरीदारी हुई। स्टेशन रोड पर जगह-जगह नमकीन की दुकानें सजी थीं। बाजार में 120 से लेकर 550 रुपये प्रति किग्रा तक की नमकीन मौजूद रही। नमकीन में मैदा काजू, मूंगफली, मूंग की दाल, दालमोठ, बेसन भुजिया, आलू भुजिया की मांग ज्यादा रही।
इसके अलावा मठरी, समोसा तथा काजू, बादाम वाली नमकीन भी खूब बिकी। इसके दाम अन्य नमकीन से ज्यादा रहे।
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देसी घी वाली गुझियों की मांग बढ़ी
यूं तो होली पर गुझिया हर घर में बनती है लेकिन बाजार से भी लोग गुझिया खरीदते हैं। दुकानदार होली के लिए गुझियों की तैैयारी पहले से ही करके रखते हैं।
दुकानदारों के मुताबिक इस बार 350 से लेकर 550 रुपये प्रति किग्रा तक गुझिया बाजार में है। गुझिया भी अलग-अलग प्रकार की बनाई गई हैं। इसलिए सबके अलग-अलग दाम हैं।
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महिलाओं की बदौलत हाईटेक दौर में भी जिंदा हैं पुरानी परंपराएं
पीलीभीत। शहर से लेकर गांव में हर चीज हाईटेक हुई हैं। तमाम संसाधन आ गए हैं। खाने- पीने की लगभग हर चीज बाजार में मौजूद हैं। बावजूद इसके महिलाएं हैं जो होली पर परंपराओं को जिंदा रखे हैं। आज भी महिलाएं होली से पहले घरों में चिप्स, कचरी पापड़ बनाती हैं। छतों पर गाय के गोबर की गुलरिया (बलगुरिया) बनाकर सुखाती हैं। होली वाले दिन इन गुलरियों को जलाकर घर में फाग के गीत गाती हैं।
शहर में परंपरा कुछ कम हुई है लेकिन गांव में आज भी महिलाएं पूरी शिद्दत से पुरानी परंपराओं को निर्वह्न कर रहीं हैं। होली को अब दो दिन ही शेष बचे हैं। इस बीच महिलाओं ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। उनका पूरा-पूरा दिन होली की तैयारियों में जा रहा है। घरों की छतों पर गोबर के छोटे-छोटे उपले (गुलरिया) बनाई गई हैं। जिन्हें सूखने के बाद माला में पिरोया जाएगा। इसके अलावा महिलाएं सुबह से लेकर शाम तक चिप्स, पापड़, कचरी व अन्य पकवानों को बनाने में जुटी हैं।
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मोहल्ला इनायतगंज की प्रीति शर्मा बताती हैं कि पुरानी परंपराओं के तहत घर पर गुझिया व अन्य पकवान तैयार कर रही हैं। थोड़ा बहुत सामान बाजार से भी खरीदा हैं। बताया कि होली में पकवानों व अन्य तैयारियों को लेकर पूरा दिन बीत रहा है।
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मोहल्ला बाग गुलशेर खां की किरण कुमारी ने बताया कि इन दिनों आलू 50 रुपये में छह किग्रा मिल रहा है। आलू के चिप्स, पापड़ बनाए हैं। हर साल बनाती हैं। कचरी, चिप्स भी बनाए हैं। यही परंपरा है, सालों से घर पर सामान जरूर बनाते हैं। इसके बिना तो होली का मजा ही अधूरा है।