एसिडिटी, पेट में कब्ज व दस्त की शिकायत लेकर मरीज पहुंचे जिला अस्पताल
पीलीभीत। होली पर मैदा, बेसन व तेल से युक्त व्यंजनों के अधिक सेवन ने लोगों का पाचन तंत्र बिगाड़ दिया है। शुक्रवार को जिला अस्पताल के मेडिसिन कक्ष में पेट में दर्द, एसिडिटी, जलन, कब्ज व दस्त की समस्याओं के मरीज अधिक देखे गए। इसमें काफी शुगर के मरीज होली पर गुझिया खाने से शुगर बढ़ने आदि के भी रहे। चिकित्सकों ने मरीजों को अभी कुछ दिन तक साधारण भोजन करने की सलाह दी।
मैदा से युक्त गुझिया सहित रंग बिरंगे, मीठी-नमकीन व्यंजनों का त्योहार होली सभी को बहुत प्रिय है, लेकिन ज्यादातर होली पर मैदा, मावा, बेसन सहित अन्य खाद्य सामग्रियों का अधिक सेवन लोगों का पेट व पाचन तंत्र खराब कर देता है। शुक्रवार को होली के व्यंजनों से पेट में दर्द, कब्ज की समस्या, एसिडिटी, दस्त सहित अन्य पेट समस्याओं के मरीज सर्वाधिक देखे गए। सुबह आठ बजे से ही कतार में लगकर पर्चा बनवाने के बाद मेडिसिन कक्ष में पहुंचकर मरीजों ने होली पर अधिक व्यंजन के सेवन से पेट संबंधी समस्याओं को लेकर परामर्श लिया। इनमें पेट दर्द व कब्ज की समस्या होने के मरीज सर्वाधिक देखे गए।
ओपीडी में 350 मरीजों में लगभग 80 मरीज पेट की समस्या के ही देखे गए। मेडिसिन विभाग के चिकित्सक डॉ. विनीत बंसल ने बताया कि मैदे, तेल व बेसन युक्त खाद्य सामग्री सेवें, मठरी, शंकर पारे सहित अन्य पचने में समस्या होती है व तेल का अधिक सेवन एसिडिटी बना देता है। होली पर कम से कम प्रयोग ही पाचन तंत्र को मजबूत कर सकता है। चिकित्सक ने मरीजों को हल्के व्यंजन जैसे दाल-चावल, दही, मट्ठा, हल्के तेल में बनी हरी सब्जियां आदि के सेवन करने की सलाह दी है। संवाद
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होली पर झगड़े, दुर्घटना व मामूली चोट में हुए 450 से अधिक एक्सरे
होली पर सड़कों पर तेज गाड़ी चलाने, आपसी झगड़े व मामूली चोट लगने आदि से जिला अस्पताल के एक्सरे करवाने वालों की संख्या बढ़ा दी। जिला अस्पताल में तीन मार्च को 63, चार मार्च को नौ, पांच मार्च को 172 मरीजों ने एक्सरे कराया। वहीं, शुक्रवार को भी जिला अस्पताल में 229 लोगों ने एक्सरे कराया।