पूरनपुर। नगर में हॉकी खिलाड़ियों की अच्छी खासी संख्या है। कई खिलाड़ी प्रांत स्तरीय हॉकी प्रतियोगिताओं में खेल कर अपनी खेल की प्रतिभा दिखा चुके हैं। प्रांतीय हॉकी प्रतियोगिता भी नगर में होती है, लेकिन स्टेडियम नहीं है। स्टेडियम के लिए वर्षों से मांग की जा रही है। स्टेडियम न होने से खिलाड़ी अपनी प्रतिभा को निखार नहीं पा रहे हैं। इससे खिलाड़ियों में रोष है। संवाद
खिलाड़ियों में गुस्सा
प्रांत स्तरीय एवं यूनिवर्सिटी तक हॉकी खेल चुका हूं। पूरनपुर मेंं हॉकी खिलाड़ियों की फौज है। स्टेडियम न होने से गलियों, मोहल्लों में खिलाड़ियों को प्रैक्टिस करनी पड़ती है। नगर में आउटडोर स्टेडियम की जरूरत है।
-वरुण सक्सेना
नेशनल के अलावा आल इंडिया हॉकी और नॉर्थ जोन तक हॉकी खेली है। पूरनपुर में इंडोर स्टेडियम है। जिसमे हॉकी, क्रिकेट, एथलेटिक्स आदि प्रतियोगिताएं नहीं हो सकती। आउटडोर स्टेडियम होना चाहिए। वर्षों से इसकी मांग भी की जा रही है। प्रतिनिधि कोशिश ही नहीं कर रहे है।
-प्रशांत कुमार
कई बार किया गया है धरना-प्रदर्शन
हॉकी खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने को वर्ष 1988 में डायमंड हॉकी क्लब का गठन किया गया था। तब से करीब हर साल तहसील स्तर से राज्य स्तर तक की हॉकी प्रतियोगिता कराई जा रही है। कई बार स्टेडियम बनवाने की मांग की गई। जनप्रतिनिधि सैकड़ों बार आश्वासन दे चुके है। एक जनप्रतिनिधि ने स्टेडियम के लिए जमीन दान करने की भी घोषणा की थी। वह बाद में मुकर गए। स्टेडियम के लिए कई बार धरना प्रदर्शन किया गया।
-महेश आजाद, पूर्व खिलाड़ी
क्या कहते हैं विधायक
गांव सिमरिया में इंडोर गेम खेलने को बहुउद्देशीय भवन बना है। इसके अलावा कलीनगर तहसील के गांव नगरिया में स्टेडियम बनवाया गया। एक ब्लाक मेंं एक ही स्टेडियम बन सकता है। इसके बाद भी आउटडोर खेलों के लिए स्टेडियम के लिए जमीन की तलाश कराई जा रही है, जिससे शीघ्र ही पूरनपुर में स्टेडियम भी बनवाया जा सके।
बाबूराम पासवान, विधायक पूरनपुर
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वरुण सक्सेना
वरुण सक्सेना