अमरिया। पेट दर्द का इलाज करने के दौरान गलत इंजेक्शन लगाने से हुए संक्रमण में महिला का हाथ कटने के प्रकरण में आरोपी झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित महिला ने शनिवार को ब्लॉक सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर डीएम से शिकायत की। इस पर डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने सीएमओ डॉ. आलोक कुमार को तत्काल क्लीनिक सील कराने के निर्देश दिए। सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिकेत गंगवार ने गांव पहुंचकर अवैध रूप से झोलाछाप के क्लीनिक को सील कर दिया।
ब्लॉक सभागार में डीएम ज्ञानेंद्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंची गांव सुस्वार निवासी रामचंद्र की पत्नी देवकी ने बताया कि दो वर्ष पूर्व ग्राम निसरा निवासी झोलाछाप रीतपाल ने गलत इंजेक्शन लगा दिया था, जिससे उसके हाथ में संक्रमण फैल गया। बाद में हाथ काटना पड़ा। महिला ने मामले में कार्रवाई न होने की शिकायत की। इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर चिकित्सा विभाग की टीम गांव सुस्वार पहुंची। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गंगवार ने बताया कि ग्राम निसरा निवासी रीत पाल के अवैध क्लीनिक को सील कर दिया गया। संचालक से क्लीनिक से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं। दस्तावेज प्रस्तुत न करने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। संवाद
39 शिकायतों में से 4 का निस्तारण
नौ मई को स्कूल में आयोजित कैंप में एएनएम शशि कश्यप की ओर से उनके तीन वर्षीय पौत्र अविनाश को एक साथ पांच इंजेक्शन लगाने से संक्रमण फैलने की शिकायत डीएम से की। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि दोनों पक्षों को सुनकर कार्रवाई करें। समाधान दिवस में 39 शिकायतें पहुंचीं, जिनमें से सिर्फ चार का मौके पर निस्तारण हुआ। इस दौरान एसपी सुकीर्ति माधव, ब्लॉक प्रमुख निशान सिंह, एसडीएम मयंक गोस्वामी, तहसीलदार विदेह सिंह, नायब तहसीलदार रमेश चंद्र, सीएमओ डॉ. आलोक कुमार आदि मौजूद रहे।
पहले 50 गाड़ियां आती थीं, अब बस
जिलाधिकारी ने लोगों से राष्ट्रहित में डीजल और पेट्रोल की खपत कम से कम करने की अपील की। कहा कि आवश्यकता के अनुसार ही वाहनों का प्रयोग करें। सरकारी अधिकारियों ने भी वाहनों का उपयोग कम किया है। पहले संपूर्ण समाधान दिवस पर करीब 50 गाड़ियां आती थीं, जबकि शनिवार को सभी अधिकारी बस से कार्यक्रम में पहुंचे।
पात्र लोगों को मिलेंगे उपकरण
- ब्लॉक परिसर में दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए शिविर आयोजित किया गया है। इसमें 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों का परीक्षण किया गया। आने वाले समय में पात्र लोगों को बैसाखी, छड़ी, बेल्ट और कान की मशीन उपलब्ध कराई जाएगी।