पीलीभीत। जिला अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीजों और तीमारदारों को ठिठुरना पड़ रहा है। भर्ती मरीजों को कंबल तो पर्याप्त संख्या में मिल जा रहे, लेकिन ब्लोअर-हीटर की व्यवस्था अब तक नहीं हो सकी है। अस्पताल परिसर में अलाव की अनदेखी भी हो रही है। चिह्नित किए गए तीन में से सिर्फ एक स्थान पर ही अलाव जल रहा है।
जिले में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। तापमान दिन-प्रतिदिन गिर रहा है। लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। हाथ सेंकने के साथ ही बचाव के कई अन्य इंतजाम कर रहे हैं। वहीं, जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड में भर्ती मरीजों को खुद ही सर्दी से बचाव के जतन करने पड़ रहे हैं, जबकि मरीजों को कंबल, हीटर-ब्लोअर और इंतजाम करने के निर्देश जिम्मेदारों को दिए गए हैं। मंगलवार की दोपहर 12 बजे जिला अस्पताल के पुरुष वार्ड में कई मरीज भर्ती थे। पूछने पर बताया कि मांगने पर कंबल पर्याप्त संख्या में मिल जा रहे हैं। वार्डों में हीटर या ब्लोअर अब तक नहीं लगाया गया।
वहीं रैन बसेरा में तीमारदारों को रजाई तो दी गई है, लेकिन उसकी गुणवत्ता सर्द हवाओं को रोकने में नाकाफी है। रैन बसेरा में लगवाए गए ब्लोअर भी नजर नहीं आए। पांच दिनों से रैन बसेरा में रात गुजार रहे पूरनपुर क्षेत्र के एक गांव निवासी तीमारदार ने बताया कि यहां हीटर नहीं है। रजाई भी काफी हल्की है। रैन बसेरा के बाहर अलाव के भी इंतजाम नहीं हैं।
तीन जगहों में सिर्फ एक जगह ही जल रहा अलाव
जिला अस्पताल परिसर में पुरानी व नई इमरजेंसी और वार्ड के पास स्थित रसोईघर के पास अलाव जलवाने का स्थान चिह्नित किया गया है। दोपहर के समय पुरानी इमरजेंसी के पास तो अलाव जल रहा था। अन्य जगहों पर अब तक अलाव नहीं जल सके हैं।
वर्जन
अभी मैं बाहर आया हूं। अधीनस्थों को वार्ड की सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने और नियमित अलाव जलवाए जाने का निर्देश दिया है। सभी जगह अलाव नहीं जल रहे, जांच कराएंगे।- डॉ. रमाकांत, सीएमएस जिला अस्पताल