बिलसंडा। टीकाकरण को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। नतीजतन मरौरी खास गांव में टीकाकरण कैंप में एक भी ग्रामीण ने टीका नहीं लगवाया। सिर्फ 15 लोगों ने सीएचसी पहुंचकर अपना टीकाकरण कराया है। कैंप में टीकाकरण न होने के कारण वहां अब कैंप भी बंद कर दिया है।
बिलसंडा ब्लॉक के गांव मरौरीखास में करीब चार हजार से अधिक आबादी है। अप्रैल में टीकाकरण की शुरुआत कर दी गई थी। इसमें 45 साल से अधिक उम्र वाले लोगों का टीकाकरण किया जाना है, लेकिन मरौरीखास गांव में टीकाकरण अभियान जोर नहीं पकड़ सका है। बिलसंडा सीएचसी की ओर से गांव में 45 साल से अधिक उम्र वाले लोगों का आशा और आंगनबाड़ी से सर्वे कराया गया। 320 लोगों लक्ष्य निर्धारित किया गया। सप्ताह भर पहले गांव के सरकारी विद्यालय में टीकाकरण कैंप लगाया था। मगर एक भी ग्रामीण ने टीका नहीं लगवाया। ग्रामीणों के मन में भ्रांति दिखी कि टीकाकरण करने से उनकी तबीयत बिगड़ सकती है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक ग्रामीणों के मन से भ्रांतियों को दूर करने के लिए जागरूकता अभियान नहीं चलाया गया है। जिससे वह टीकाकरण में अपनी रुचि दिखा सके। दो दिन कैंप लगवाने के बाद वहां कैंप ही बंद कर दिया गया है। इसके अलावा 18 -44 साल तक के युवाओं में तो किसी ने भी टीकाकरण नहीं कराया है। पूरे गांव में सिर्फ 15 जागरूक ग्रामीणों ने सीएचसी पहुंचकर ही अपना टीकाकरण कराया है।
टीकाकरण के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए अभी तक टीकाकरण नहीं हो सका है। अब स्लॉट बुक कराकर टीका लगवाएंगे।- विपिन शुक्ला
टीकाकरण को लेकर गांव में कैंप लगा था। अगर स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसकी जानकारी दी गई होती तो शायदा टीका लगवा चुके होते। - अंचल कुमार
ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए कोई अभियान नहीं चलाया जा रहा है। ऑनलाइन सुविधा होने से अधिकांश लोग स्लॉट बुक नहीं कर पा रहे हैं। - नोखेलाल
टीकाकरण को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए आशा आंगनबाड़ी को लगाया गया है। जिन गांवों में टीकाकरण अभियान पिछड़ रहा है। वहां स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगाकर टीकाकरण अभियान को सफल बनाया जाएगा।- डॉ. श्रीराम, एमओआईसी बिलसंडा