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Pilibhit News: बरामदे से सड़क पर खींचकर किए गए वार, मची अफरातफरी

Wed, 15 Oct 2025 01:10 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
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पीलीभीत। अधिवक्ता ओमपाल पर हत्या के इरादे से योजनाबद्ध तरीके से हमला किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमलावर कचहरी परिसर के पीछे वाले हिस्से से आए थे और ओमपाल को बरामदे से खींचकर सड़क पर लाने के बाद ताबड़तोड़ प्रहार शुरू कर दिए। पुलिसकर्मियों की हिम्मत और तत्परता से अधिवक्ता की जान बची। अधिवक्ता पर बांके से हमला देख कचहरी में सिविल बार एसोसिएशन के प्रांगण में अफरातफरी मच गई।
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हमले ने कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। आरोपी खुलेआम धारदार हथियार लेकर अधिवक्ताओं के बिस्तर तक पहुंच गए और ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। घटना के बाद कचहरी पहुंचे एसपी अभिषेक यादव और सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी ने सुरक्षा व्यवस्था की जांच की। उन्होंने अधिवक्ताओं से बातचीत कर सुरक्षा संबंधी सुझाव सुने। अधिवक्ताओं ने कचहरी के पिछले हिस्से से बेरोकटोक आवाजाही की शिकायत की, इस पर एसपी ने वहां ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्य द्वार पर बिना चेकिंग किसी को प्रवेश न देने की सख्त हिदायत दी।
अधिवक्ताओं के सुझाव पर एसपी ने आने-जाने के लिए अलग-अलग चेकिंग गेट लगवाने का आश्वासन भी दिया। अधिवक्ताओं ने एसपी से यह भी कहा कि यदि पुलिसकर्मी समय रहते सक्रिय न होते तो कचहरी परिसर में बड़ी घटना हो सकती थी। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों का सम्मान करने की बात भी कही।
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सीसीटीवी फुटेज में दिखा हत्या का इरादा, डर और दहशत
अधिवक्ता पर हमले के सीसीटीवी फुटेज पुलिस को मिल गए हैं। इसमें हमलावर बरामदे में घुसकर अधिवक्ता पर हमला करते दिखते हैं और बाद में उन्हें सड़क पर खींच लाते हैं। डर और दहशत के बीच कुछ लोग आगे बढ़ने का प्रयास तो करते हैं, लेकिन रुक जाते हैं।
प्रधान चुनाव की रंजिश से जुड़ा है पुराना मामला

अगस्त 2022 में ग्राम बरखड़ी में पूर्व प्रधान कृष्णपाल की हत्या कर दी गई थी। बताया गया कि यह घटना प्रधानी चुनाव की रंजिश का नतीजा थी। वर्ष 2016 में कृष्णपाल प्रधान बने थे, जबकि अधिवक्ता ओमपाल के समर्थित प्रत्याशी को हार मिली थी। वर्ष 2021 के चुनाव में ओमपाल पक्ष की प्रत्याशी की जीत के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया था। वर्ष 2022 में 17 अगस्त को हुए संघर्ष में कृष्णपाल गंभीर रूप से घायल हुए और 23 अगस्त की रात उनकी मौत हो गई। इस मामले में कृष्णपाल के भाई जसपाल सिंह ने ओमपाल, उनके पुत्र दिनेश, भतीजे विजय और हरिपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने तब ओमपाल को जेल भेजा था और मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है।


वर्जन
घटना स्थल का निरीक्षण किया गया। कचहरी के पीछे का भाग खुला है। आरोपी उसे क्षेत्र से पहुंचे थे। उस भाग को भी चेकिंग प्वाइंट में शामिल कर दिया गया है। इसके अलावा अधिवक्ताओं से बातचीत कर जानकारी की गई। सुरक्षा को लेकर अन्य जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इस पर अमल भी शुरू करा दिया गया है। - अभिषेक यादव, एसपी


अधिवक्ताओं ने घटना की निंदा कर सुरक्षा के ये सुझाव भी रखे


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दिनदहाड़े अधिवक्ता पर जानलेवा हमला दुर्भाग्यपूर्ण है। अधिवक्ताओं की सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए। कचहरी परिसर में सीसीटीवी कैमरा प्रत्येक प्रवेश द्वार पर लगवाए जाएं,ताकि आवागमन करने वालों की निगरानी हो सके। अधिवक्ता सुरक्षा कानून शीघ्र लागू किया जाए।- धीरेंद्र मिश्र, अध्यक्ष जिला संयुक्त बार एसोसिएशन
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कोर्ट परिसर में पर्याप्त पुलिस तैनात रहती है। चेकिंग भी की जाती है, लेकिन सिविल बार की तरफ काफी खुले भाग है। बाइक और कार बेरोकटोक आती हैं। इस पर तीनों बार बैठकर कर बनकटी रोड पर लगे गेट पर प्रवेश रोकने की रणनीति बनाई जाए। इसको लेकर पुलिस अफसरों से भी बातचीत की जाएगी। - स्नेहलता तिवारी, पूर्व अध्यक्ष, सिविल बार एसोसिएशन
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कचहरी परिसर में एक अधिवक्ता मुकदमे से संबंधित तारीख पर आए थे। उनपर जानलेवा हमले की घटना निंदनीय है। हमारी मांग है कि सरकार को अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम लागू करना चाहिए। - आलोक नगाइच, अध्यक्ष, सिविल बार एसोसिएशन
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साथी अधिवक्ता के साथ जो घटना हुई वह निंदनीय और दुखदाई है। इसकी घोर निंदा की जाती है। सुरक्षा में कहीं न कहीं चूक हुई है, हालांकि उसकी जान भी सुरक्षा कारणों से ही बची है। सुरक्षा कर्मियों की मुस्तैदी ने उसकी जान बच सकी। न्यायालय परिसर में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति की जांच होनी चाहिए। - सरोज वाजपेयी, अध्यक्ष, सेंट्रल बार एसोसिएशन पीलीभीत
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