साढ़े पांच साल पहले होटल मैनेजमेंट का कोर्स करने गया था मलकीत
परिवार वाले कनाडा से शव यहां लाने की कोशिश में जुटे
कनाडा में ही रहने वाले एक युवक को सौंपी है जिम्मेदारी
होटल मैनेजमेेंट का कोर्स करने के लिए साढ़े पांच साल पहले कनाडा गए हजारा थाना क्षेत्र के गांव कबीरगंज बल फार्म निवासी 27 वर्षीय मलकीत सिंह की वहां तीन अप्रैल को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिवार वाले युवक का शव घर लाने के प्रयास में जुटे है। युवक के परिवार वालों ने कनाडा में रह रहे गिल फार्म निवासी रमन सिंह को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है।
घटना की जानकारी दुबई में रहकर ड्राइविंग कर रहे मलकीत के बड़े भाई गुरपेज सिंह को चार अप्रैल को हुई। गुरपेज ने परिवार वालों को जानकारी दी और दुबई से घर आ गए। गुरपेज सिंह ने बताया कि उनका छोटा भाई मलकीत सिंह दो सितंबर, 2010 को गिल फार्म निवासी रमन सिंह, प्रतापनगर निवासी मनप्रीत सिंह के साथ कनाडा मेें होटल मैनेजमेंट का कोर्स करने गया था। तीनों कनाडा में पहले साथ रहे, लेकिन कोर्स पूरा होने पर रमन की शादी होने और मनप्रीत सिंह के दूसरी जगह जाने पर मलकीत सिंह अलग रहने लगा। उन्होंने बताया कि तीन अप्रैल को मलकीत सिंह की कनाडा में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। इसकी जानकारी रमन ने उन्हें मोबाइल पर दी। रमन को मलकीत की लाश भारत लाने के लिए अधिकृत किया गया है। युवक की मौत की सूचना पर परिवार में कोहराम मचा है।
घटना से दो दिन पहले जॉब मिलने पर जताई थी खुशी
गुरपेज सिंह ने बताया कि मलकीत ने उससे घटना के एक दिन पहले मोबाइल पर बात की थी। तब वह खासा खुश था और कह रहा था कि भैया अबकी बार दीपावली पर दोनों भाई साथ घर चलेंगे। ताकि दोनों एक साथ कुछ दिन रह लें। उन्होंने बताया कि घटना से दो दिन पहले मलकीत ने मां पलविंदर कौर को भी फोन किया था। पेपर वर्क मिलने की जानकारी देकर खासी खुशी जाहिर कर रहा था।
हंसमुख स्वभाव का था मलकीत
गुरपेज सिंह ने बताया कि परिवार में पिता जसवंत सिंह, मां पलविंदर कौर, वह और उसका छोटा भाई मलकीत सिंह थे। मलकीत हंसमुख और मजाकिया स्वभाव का था। परिवार में मलकीत के सबसे छोटे होने पर सब उसे खासा चाहते थे।
55 मिनट में खाते में पहुंच गए 18 लाख
गुरपेज सिंह ने बताया कि मलकीत का शव भारत लाने को 12-13 लाख रुपये लगने की जानकारी रमन ने मोबाइल पर दी। रुपयों का इतनी जल्दी इंतजाम कैसे हो। इसके लिए रमन ने नेट पर मलकीत के कनाडा आने, उसकी मौत होने आदि की जानकारी अपलोड कर लोगों से मदद की गुहार की। उन्होंने बताया कि कुछ ही देर में ही मदद को रमन के खाते में 18 लाख रुपये जमा हो गए।
कनाडा प्रशासन ने हार्ट अटैक की बात कही
पूरनपुर। मलकीत सिंह के पिता जसवंत सिंह ने बताया कि उसके पुत्र को पीआर (स्थाई रूप से रहने की अनुमति) मिलने वाली थी। कनाडा प्रशासन के अनुसार मलकीत घटना के दिन अपने कमरे में लेटा एलसीडी देख रहा था। अचानक दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हुई है। कनाडा सरकार पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी न होने की जानकारी देकर दो दिन पहले शीघ्र शव देने का आश्वासन अधिकृत किए गए रमन को दिया था। इसकी जानकारी रमन ने मोबाइल पर दी है।