ग्रामीणों की मदद से टीम शव को जंगल से बाहर लेकर आई। क्षत विक्षत शव देख बाघ द्वारा हमले की बात सामने आई। परिजन और ग्रामीणों ने भी बाघ के हमले की बात कहकर मुआवजे की मांग करनी शुरू कर दी। सूचना के बाद तहसीलदार हबीब उर रहमान अंसारी और सीओ विशाल चौधरी गांव पहुंचे। परिजनों से बातचीत कर नियमानुसार मुआवजे के आश्वासन दिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
पत्नी व परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
भगवान दास की सात साल पूर्व क्षेत्र के पताभोजी गांव से शादी हुई थी। उसके परिवार में पत्नी अनीता देवी के अलावा एक वर्षीय पुत्र रितुराज है। मृतक दो भाईयों में छोटा था। घटना के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था। मृतक मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता था। मृतक के हिस्से में करीब डेढ़ बीघा जमीन है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि युवक का शव जंगल से अंदर से बरामद हुआ है। शव की स्थिति को देख वन्यजीव द्वारा उसे खाने की बात सामने आ रही है, लेकिन मृतक का फोन गायब है। जिसके कारण घटना को लेकर संशय बना हुआ है कि युवक की वन्यजीव के हमले में मौत हुई या कोई वजह रही। इस संबंध में एसपी से बातचीत कर जांच की मांग की गई है।