घर पहुंचकर अभिभावकों को जानकारी देतीं शिक्षिका। स्रोत स्कूल
पीलीभीत। परिषदीय स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के प्रयास मई में भी जारी है। पिछले माह घर-घर जाकर जागरूक करने के बाद भी नामांकन बढ़ाने में कई ब्लॉक पीछे रहे गए। इसके बाद अफसरों के निर्देश पर शिक्षक घर-घर जाकर अभिभावकों को जागरूक कर रहे हैं। बच्चाें को नियमित स्कूल भेजने की अपील की जा रही है।
जिले में 14 सौ से अधिक परिषदीय विद्यालय हैं। शासन की ओर से बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए विभिन्न योजनाओं के साथ ही परिषदीय स्कूलों में शिक्षा का स्तर बेहतर करने पर जोर दिया जा रहा है। पीएमश्री योजना के तहत स्मार्ट क्लास के साथ कम्प्यूटर लैब भी विकसित की जा रही हैं। इधर, नए शैक्षणिक सत्र में परिषदीय स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया गया। नवीन नामांकन के साथ आउट ऑफ स्कूल बच्चों को जागरूक के प्रयास शुरू किए गए। अफसरों के निर्देश पर स्कूलों के शिक्षकों की ओर से घर-घर जाकर बच्चों को चिह्नित कर स्कूल भेजने के प्रति जागरूक किया। इस दौरान योजना की जानकारियां भी दी गई।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में जिले में नवीन नामांकन की संख्या 14 हजार के करीब पहुंच सकी। इसमें मरौरी और ललौरीखेड़ा ब्लॉक में नामांकन की स्थिति धीमी रही। इसके बाद अफसरों के निर्देश पर मई में भी नामांकन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए शिक्षक घर-घर जाकर बच्चों को चिह्नित करने के साथ अभिभावकों को भौतिक सुविधाएं और निशुल्क शिखा के बारे में जानकारी देकर नामांकन कराकर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए जागरूक करने में जुटे हैं। इसके लिए स्कूल के समय से पूर्व और बाद में डोर टू डोर सर्वे पर जोर दिया जा रहा है।
कंपोजिट विद्यालय बिलगवां के शिक्षकों की ओर से नवीन नामांकन और आउट ऑफ स्कूल बच्चों के लिए डोर टू डोर सर्वे करके बच्चों को चिह्नित किया जा रहा है। दिव्यांग बच्चों का भी सर्वे किया जा रहा। बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि नवीन नामांकन को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है।