घटतौली के मामलों में लंबे अर्से से हाजिर न होने पर सीजेएम सुनील कुमार सिंह ने शहर की एलएच, मझोला, सितारगंज और संपूर्णानगर चीनी मिलों के अध्यासी के खिलाफ गैर जमानती वांरट जारी कर गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं।
शहर की एलएच चीनी मिल से संचालित गन्ना क्रय केंद्र वीरखेड़ा के निरीक्षण में 21 दिसंबर 2006 को कांटे की जांच करने पर घटतौली पाई गई थी। सहायक चीनी मिल आयुक्त ने कार्रवाई को कोर्ट में मुकदमा किया। चीनी मिल के अध्यासी जसवीर सिंह लंबे अर्से से कोर्ट में नहीं पहुंचे। मझोला स्थित सहकारी चीनी मिल के क्रय केंद्र सूरजपुर बड़वार का निरीक्षण छह फरवरी 2008 को किया गया। यहां भी कांटे पर घटतौली पाई गई। चीनी मिल के अध्यासी कवि नगर गाजियाबाद निवासी एके अग्रवाल के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर किया। वह भी कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। इसी मिल के एक अन्य क्रय केंद्र कटैया का निरीक्षण 12 दिसंबर 2006 को किया गया। चेकिंग के दौरान इस कांटे पर भी घटतौली पाई गई। चीनी मिल के अध्यायी एसपी सिंह कोर्ट में हाजिर नहीं हो रहे हैं। सहकारी चीनी मिल सितारगंज उधमसिंह नगर से संचालित क्रय केंद्र बड़ेपुरा का मुआयना सात फरवरी 2005 को किया गया। यहां भी घटतौली मिलने पर अध्यासी एससी शुक्ला पर कार्रवाई की गई। वह भी न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहे हैं।
किसान सहकारी चीनी मिल सम्पूर्णानगर से संचालित क्रय केंद्र नहरोसा का निरीक्षण 24 जनवरी 2005 को किया गया। यहां भी घटतौली मिलने पर अध्यासी बीएम दीक्षित कार्रवाई के लिए कोर्ट में दस साल पहले मामला दायर हुआ। इन पांचों मामलों के आरोपी मिल अध्यासी अदालत नहीं पहुंचे। इस पर सीजेएम सुनील कुमार सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। सभी मामलों के अध्यासियों के गैर जमानती वारंट जारी किए गए हैं। अभियोजन अधिकारी अमरनाथ तिवारी ने बताया कि पुलिस को इनकी गिरफ्तारी के आदेश जारी किए गए हैं।