पीलीभीत। वित्तीय वर्ष 2023-24 में जिले की आर्थिक तस्वीर और बेहतर हुई है। सकल जिला घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 21,066 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.8 प्रतिशत अधिक है। वहीं जिले की प्रति व्यक्ति आय 74,270 रुपये आंकी गई है। आंकड़े यह भी बताते हैं कि जिले का योगदान प्रदेश की कुल जीडीपी में 0.82 प्रतिशत है।
जिला सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2020-21 में जिले का सकल घरेलू उत्पाद 14,670 करोड़ रुपये था। इसके बाद 2021-22 में यह बढ़कर 15,883 करोड़, 2022-23 में 18,679 करोड़ और 2023-24 में 21,066 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस दौरान जिले की औसत वार्षिक वृद्धि दर 13.5 प्रतिशत दर्ज की गई।
प्रति व्यक्ति आय के मामले में भी पीलीभीत ने सुधार दर्ज किया है। 2020-21 में जिले की प्रति व्यक्ति आय 53,578 रुपये थी, जो 2021-22 में 57,610 रुपये, 2022-23 में 66,708 रुपये और 2023-24 में 74,270 रुपये तक पहुंच गई। यह राज्य की औसत प्रति व्यक्ति आय (93,422 रुपये) से कुछ कम है, लेकिन वृद्धि दर (12.5 प्रतिशत) संतोषजनक बताई जा रही है।
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अर्थव्यवस्था की रीढ़ है कृषि और उससे जुड़े उद्योग
अर्थशास्त्री डाॅ. विकास प्रधान का कहना है कि कृषि और उससे जुड़े क्षेत्र पीलीभीत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। वहीं उद्योग और सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी में भी धीरे-धीरे इजाफा हो रहा है। आने वाले वर्षों में औद्योगिक निवेश और बुनियादी ढांचा विकास से जिले की अर्थव्यवस्था और मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है।
जिले में 93 नए उद्योग हो चुके हैं स्थापित
जिले में निजी उद्योगों की ओर लोगों का रुझान बढ़ रहा है। धीरे-धीरे लोगों निजी उद्योग विकसित करने पर जोर दे रहे है। जीडीपी के आंकड़ों में जिले में उद्योगों की स्थिति बेहतर हो रही है। अब-तक वर्ष 2021 से अब-तक करीब 93 छोटे-बड़े नए उद्योग स्थापित हो चुके है।
जिले में बड़े उद्योग, विकसित हो रहा औद्योगिक एरिया
पीलीभीत। जिले में पिछले तीन सालों में उद्योगों की संख्या भी बढ़ी है। वर्ष 2023 में जिले में करीब 271 निवेशकों ने एमओयू साइन किया। 54 ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में आए।
उपायुक्त उद्योग संजय सिंह ने बताया कि 35 इकाइयां उत्पादनरत हैं। 25 अन्य इकाइयां जल्द शुरू हो जाएंगी। जिले में भरा पचपेड़ा औद्योगिक एरिया भी विकसित किया जा रहा है। बताया कि कुछ इकाइयों के संचालन में कुछ अड़चनें हैं, उन्हें जल्द दूर करने का प्रयास हो रहा है। उद्यमियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जा रहा है। संवाद
डॉ. विकास प्रधान, अर्थशास्त्री।