ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का सर्वे करने वाली टीम के साथ किसान। स्रोत- विभाग
पीलीभीत। गोरखपुर से शामली तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना जिले में अब तेजी से धरातल पर उतरती दिखाई दे रही है। बीसलपुर विधानसभा क्षेत्र में परियोजना के लिए चिह्नित अधिकांश गांवों का सर्वे कार्य पूरा हो चुका है। सर्वे अंतिम चरण में पहुंचने के साथ ही प्रशासन भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण की तैयारियों में जुट गया है। अधिकारियों का कहना है कि शेष औपचारिकताएं पूरी होते ही किसानों को नियमानुसार मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद पीलीभीत की सड़क संपर्क व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी। एसडीएम बीसलपुर नागेंद्र पांडेय ने बताया कि सर्वे का काम अंतिम चरण में है। जल्द ही पूरा करने का प्रयास चल रहा है। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) विभाग के इंजीनियर मयंक मिश्रा ने बताया कि बीसलपुर विधानसभा क्षेत्र के 38 गांवों में से 37 गांवों का विस्तृत सर्वे पूरा कर लिया गया है। सर्वे टीम ने खेतों की पैमाइश, सीमांकन, राजस्व अभिलेखों का मिलान तथा अन्य तकनीकी बिंदुओं का परीक्षण कर आवश्यक आंकड़े एकत्र कर लिए हैं। अब केवल एक गांव का सर्वे शेष है, जिसे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बीसलपुर तहसील के गांवों से होकर गुजरेगा। बिलसंडा ब्लॉक के तिलसंडा, बमरोली, लिलहर, मीरपुर हरायपुर, रामपुर अमृत, मुड़गवा, सुहेला, ईंटगांव, वीरसिंहपुर, महेशापुर समेत कई गांव इसके दायरे में आएंगे। सदर तहसील के वार नवादा, गुलड़िया जाफरपुर समेत कई गांव भी एक्सप्रेसवे की जद में शामिल हैं। मई माह में इन गांवों से संबंधित गजट अधिसूचना जारी होने के बाद से प्रशासन लगातार परियोजना की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है।
परियोजना से प्रभावित किसानों के लिए मुआवजा तय करने की प्रक्रिया भी सरकारी नियमों के अनुरूप पारदर्शी ढंग से की जाएगी। संवाद